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देर रात युवक को अनशन से उठाया, बिफरे लोग, हंगामा
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शीशमबाड़ा में आमरण अनशन स्थल पर मौजूद लोग।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के बाहर आमरण अनशन कर रहे युवक को पुलिस ने शनिवार देर रात जबरन उठा लिया और सीएचसी सहसपुर में भर्ती कराया। जहां से उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया। युवक को जबरन अनशन से उठाने की खबर सुन आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए जमकर हंगामा किया।
इस बीच युवक किसी तरह अस्पताल से निकलकर दोबारा धरना स्थल पर पहुंच गया। शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के बाद युवक के समर्थन में करीब 70 लोग और धरने पर बैठ गए। रविवार दोपहर को पुलिस एक बार फिर युवक को अनशन से उठाने के लिए पहुंची। लोगों की भीड़ को देखते हुए आसपास के थानों और पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। बाद में एसडीएम कौस्तुभ मिश्र और सीओ बीएस धोनी के समझाने पर युवक ने अनशन समाप्त कर दिया। एसडीएम ने लोगों की मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही है।
मालूम हो कि लंबे समय से शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ लोग आंदोलनरत हैं। बीते 6 अक्तूबर की रात को क्षेत्र निवासी सतपाल धानिया प्लांट के विरोध में आमरण अनशन पर बैठ गया। छह दिन तक लगातार अनशन करने से युवक का स्वास्थ्य तेजी से गिरने लगा था। उसका वजन सात किलो तक कम हो गया था। साथ ही उसके शरीर में पानी की मात्रा भी घटने लगी थी। इस पर बीते शनिवार देर रात करीब एक बजे पुलिस ने प्रशासन के निर्देश पर युवक को मौके से उठा लिया और सीधे सीएचसी सहसपुर लेकर पहुंची। जहां युवक ने किसी भी तरह का ट्रीटमेंट लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद युवक को दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां से सतपाल किसी तरह निकलकर सीधे धरना स्थल पर जा पहुंचा।
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बाबा साहेब के पोस्टर फाड़ने का लगाया आरोप
रविवार सुबह जब प्लांट के विरोध में आंदोलनरत लोगों को युवक को अनशन से जबरन उठाए जाने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग अनशन स्थल पर पहुंच गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न सिर्फ सतपाल को अनशन से उठाया, बल्कि वहां पर बनाई गई झोपड़ी और बाबा साहेब के पोस्टर भी फाड़ दिए।
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हंगामा बढ़ता देख पीएसी को बुलाया
हंगामा बढ़ता देख अनशन स्थल के पास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। साथ ही पीएसी को भी बुला लिया गया। दोपहर दो बजे एसडीएम कौस्तुभ मिश्र, सीओ (ट्रैफिक) अनुज कुमार और सीओ (देहात) बीएस धोनी ने वार्ता कर लोगों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने लोगों की मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही। दोपहर करीब 2:30 बजे शासन के आश्वासन पर सतपाल ने धरना समाप्त कर दिया। सतपाल ने कहा कि प्लांट के अन्यत्र शिफ्ट न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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तीनों लोगों को भी पुलिस ने उठाया
सतपाल को शनिवार देर रात अनशन स्थल से उठाए जाने पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुमित चौधरी, नीरज तिवारी और रजनीश धरने पर बैठ गए। जिन्हें आचार संहिता का हवाला देते हुए पुलिस ने मौके से उठा लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस चौकी लाया गया। जहां चालान के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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इस बीच युवक किसी तरह अस्पताल से निकलकर दोबारा धरना स्थल पर पहुंच गया। शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन के बाद युवक के समर्थन में करीब 70 लोग और धरने पर बैठ गए। रविवार दोपहर को पुलिस एक बार फिर युवक को अनशन से उठाने के लिए पहुंची। लोगों की भीड़ को देखते हुए आसपास के थानों और पीएसी को भी मौके पर बुला लिया गया। बाद में एसडीएम कौस्तुभ मिश्र और सीओ बीएस धोनी के समझाने पर युवक ने अनशन समाप्त कर दिया। एसडीएम ने लोगों की मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही है।
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मालूम हो कि लंबे समय से शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के खिलाफ लोग आंदोलनरत हैं। बीते 6 अक्तूबर की रात को क्षेत्र निवासी सतपाल धानिया प्लांट के विरोध में आमरण अनशन पर बैठ गया। छह दिन तक लगातार अनशन करने से युवक का स्वास्थ्य तेजी से गिरने लगा था। उसका वजन सात किलो तक कम हो गया था। साथ ही उसके शरीर में पानी की मात्रा भी घटने लगी थी। इस पर बीते शनिवार देर रात करीब एक बजे पुलिस ने प्रशासन के निर्देश पर युवक को मौके से उठा लिया और सीधे सीएचसी सहसपुर लेकर पहुंची। जहां युवक ने किसी भी तरह का ट्रीटमेंट लेने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद युवक को दून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां से सतपाल किसी तरह निकलकर सीधे धरना स्थल पर जा पहुंचा।
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बाबा साहेब के पोस्टर फाड़ने का लगाया आरोप
रविवार सुबह जब प्लांट के विरोध में आंदोलनरत लोगों को युवक को अनशन से जबरन उठाए जाने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग अनशन स्थल पर पहुंच गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने न सिर्फ सतपाल को अनशन से उठाया, बल्कि वहां पर बनाई गई झोपड़ी और बाबा साहेब के पोस्टर भी फाड़ दिए।
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हंगामा बढ़ता देख पीएसी को बुलाया
हंगामा बढ़ता देख अनशन स्थल के पास भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया। साथ ही पीएसी को भी बुला लिया गया। दोपहर दो बजे एसडीएम कौस्तुभ मिश्र, सीओ (ट्रैफिक) अनुज कुमार और सीओ (देहात) बीएस धोनी ने वार्ता कर लोगों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने लोगों की मांग को शासन स्तर तक पहुंचाने की बात कही। दोपहर करीब 2:30 बजे शासन के आश्वासन पर सतपाल ने धरना समाप्त कर दिया। सतपाल ने कहा कि प्लांट के अन्यत्र शिफ्ट न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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तीनों लोगों को भी पुलिस ने उठाया
सतपाल को शनिवार देर रात अनशन स्थल से उठाए जाने पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुमित चौधरी, नीरज तिवारी और रजनीश धरने पर बैठ गए। जिन्हें आचार संहिता का हवाला देते हुए पुलिस ने मौके से उठा लिया। इसके बाद उन्हें पुलिस चौकी लाया गया। जहां चालान के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

शीशमबाड़ा में आमरण अनशन पर बैठे युवक सतपाल से वार्ता करते एसडीएम कौस्तुभ मिश्र।- फोटो : VIKAS NAGAR