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उत्तराखंड में झमाझम बरसे मेघ, गर्मी से मिली राहत, तीन जुलाई को चार जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Mon, 01 Jul 2019 08:46 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 01 Jul 2019 08:46 AM IST
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Rainfall in dehradun alert for 4 districts on 3rd july
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

रविवार को राजधानी देहरादून और मसूरी में झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया। वहीं बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से भी राहत मिली। साथ ही उत्तराखंड के चार जिलों में मौसम विभाग ने तीन जुलाई को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 

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जबकि अन्य इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई है। मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार (तीन जुलाई) को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी जिलों में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 
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चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर, अल्मोड़ा में भी बारिश का अनुमान है। मैदानी इलाकों में भी बारिश होने के आसार बने हुए हैं। दो जुलाई तक ज्यादातर क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। 
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एक घंटे की बारिश से नैनीताल का मौसम सुहावना
सरोवर नगरी में रविवार अपरान्ह एक बजे से पहाड़ियों से उठा कोहरा नगर में छा गया, इसी दौरान आसमान भी काले घने बादलों से घिरने लगा। अपरान्ह दो से तीन बजे तक झमाझम बारिश हुई, उसके बाद फिर धूप खिलने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश की वजह से स्थानीय लोगों के साथ ही नैनीताल भ्रमण पर पहुंचे देशी-विदेशी पर्यटकों को भी भारी परेशानी हुई।

 

साथ ही नालों के जरिये गंदगी नैनी झील में समा गई। वहीं, नैनी झील नियंत्रण कक्ष के प्रभारी रमेश सिंह गैड़ा ने बताया कि नैनी झील का जलस्तर शुक्रवार को 10 इंच था, जो शनिवार को घटकर 9 इंच पहुंच गया, जबकि रविवार को जलस्तर साढ़े आठ इंच जा पहुंचा है। 

मानसून सीजन को लेकर सरकार ने की तैयारियां

मानसून सीजन के दौरान होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए डीएम ने अभी से तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कालसी, चकराता, त्यूनी, लाखामंडल आदि दुर्गम क्षेत्रों पर खास नजर रखने की हिदायत दी गई है। डीएम सी. रविशंकर शनिवार को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे।  

जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश से पर्याप्त मात्रा में मानवीय व अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली जाए। कालसी, चकराता, त्यूनी, लाखामंडल जैसे दुर्गम क्षेत्रों पर विशेष नजर रखें। साथ ही अधिकारी अपने अपने मोबाइल नंबर, नाम, पदनाम की सूची कंट्रोल रूम को मुहैया कराएं।

इसके अलावा डीएम ने शहर में नाला, नालियों की सफाई, जलभराव वाले इलाकों से जलनिकासी की व्यवस्था अभी से करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के अफसराें को पर्याप्त  चिकित्सकों, पैरा मेडिकल व उपकरणों,  दवाओं की व्यवस्था अभी से करने की हिदायत दी। लोक निर्माण विभाग से अफसराें को कालसी से साहिया, चकराता, त्यूनी, लाखामंडल क्षेत्र के संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अफसरों को संभावित प्राकृतिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खानपान की व्यवस्था अभी से करने की हिदायत दी।

इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत ने प्रस्तुतीकरण के जरिए वर्ष 2018 में हुई बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी दी। बैठक में सीडीओ जीएस रावत, डीएफओ राजीव धीमान, अपर जिलाधिकारी बीर सिंह बुदियाल व रामजी शरण शर्मा के अलावा तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

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