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उत्तराखंडः बारिश की बौछार पर खिंची तलवार
प्रवेश कुमारी
Updated Tue, 23 Jul 2013 08:02 AM IST
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अब बारिश की बौछार पर भी तलवार खिंच गई है। अभी तक मौसम का पूर्वानुमान जारी कर रहे राज्य मौसम केंद्र ने उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) के बारिश का पूर्वानुमान जारी करने पर सवाल खड़ा कर दिया है।
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उसका कहना है कि मौसम विभाग के अलावा किसी और संस्था को पूर्वानुमान जारी करने का मेनडेट नहीं है। उसने यूसैक की ओर से जारी पूर्वानुमान को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वह किस अधिकार से ऐसा कर रहा है, उसे स्पष्ट करना चाहिए।
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बता दें कि यूसैक ने बीती 20 जुलाई से अहमदाबाद स्थित अंतरिक्ष उपयोग केंद्र की मदद से बारिश के पूर्वानुमान से जुड़ा मैप जारी करना शुरू किया था। इसका उद्देश्य यह था कि राज्यवासियों को बारिश से जुड़ी सटीक सूचना स्थान के साथ उपलब्ध हो सके।
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पहले दिन यूसैक की ओर से जारी बागेश्वर और पिथौरागढ़ के अलर्ट को आधार बनाते हुए राज्य मौसम केंद्र ने उसके कदम पर प्रश्नचिन्ह लगाया।
उसका कहना था कि यूसैक ने रविवार के लिए बारिश का पूर्वानुमान 100-110 मिलीमीटर, जबकि पिथौरागढ़ के लिए 50-60 मिलीमीटर जारी किया था, जबकि वहां बारिश हुई ही नहीं। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों को भी उन्होंने पूर्वानुमान के लिए नाकाफी करार दिया।
मौसम का काम विभाग ही करे
'मौसम के बारे में मौसम वाले ही बता सकते हैं, यह मेनडेट है। किसी और संस्था को पूर्वानुमान जारी करने का अधिकार नहीं। अब यूसैक ने क्यों और किसलिए यह पूर्वानुमान जारी करना शुरू किया है। यह पूछा जाना चाहिए। उसने जो पूर्वानुमान दिया है, वह कसौटी पर खरा नहीं उतरता। राज्य मौसम केंद्र का यह काम है वही करे।'
डा. आनंद शर्मा, निदेशक, राज्य मौसम केंद्र
मोस्डेक कर रहा पूर्वानुमान
'राज्य मौसम केंद्र वालों को हमारे सेंटर पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं। वह मेनडेट की बात कर रहे हैं, जबकि सोसायटी के लिए अगर अच्छा काम हो रहा है तो क्या उसे होने नहीं दिया जाना चाहिए। लगे हाथ स्पष्ट कर दूं कि यह डाटा भी इसरो के अहमदाबाद स्थित सेंटर का मौसम से जुड़ा अनुभाग मीटीरियोलाजिकल एंड ओशीनोग्राफिक सेटेलाइट डाटा आर्कावाइल सेंटर (मोस्डेक) कर रहा है।'
डा. एमएम किमोठी, निदेशक, उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक)