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बारिश से हरे हो गए आपदा के जख्म

Tue, 03 Mar 2015 12:30 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 03 Mar 2015 12:30 PM IST
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rain create problem in disaster affected areas.

दो दिन की बारिश ने बीते साल बरसात में देहरादून जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्रों के जख्म हरे हो गए।

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मालदेवता क्षेत्र में ग्रामीणों के बनाए रास्ते टूट गए। ठाकुरपुर में ढांग टूटने से घरों में मलबा भर गया। वहीं, चकराता, कालसी, त्यूनी में कई जगह रास्ते बंद हो गए हैं। जुलाई 2014 में भारी बारिश के दौरान रायपुर ब्लाक के मालदेवता, कार्लीगाड़ क्षेत्रों में भारी तबाही हुई थी।

करीब एक साल बाद भी इन क्षेत्रों में सड़कें बंद हैं। मालदेवता में कुछ जगह ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सड़क बनाई थी, लेकिन दो दिन की बारिश ने इसे फिर तोड़ दिया है। अब इस क्षेत्र का संपर्क शहर से टूट गया है। दूसरी ओर, जौनसार में मीनस अटाल रोड, हरिपुर इच्छाड़ी मोटरमार्ग, सहिया-क्वानू मोटरमार्ग पर वाहनों का संचालन ठप है। चकराता में बर्फबारी के चलते भारी वाहनों का आवागमन बंद रहा।
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उधर, प्रेमनगर के आरकेडिया ठाकुरपुर में ढांग ढह गई। इससे मलबा चार घरों में भर गया। अधिकारियों ने लोगों को सुरक्षित निकलवा कर दूसरे घरों में भेजा है। डीएम ने अधिकारियों को मौके पर बने रहने के लिए कहा है। वहीं, आपदा कंट्रोल रूम में लोग दिनभर समस्या बताते रहे। जगह-जगह जलभराव की शिकायतें आईं।
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प्रस्ताव पारित, काम नहीं
सरखेत, मालदेवता समेत एक दर्जन स्थानों पर स्थिति बिगड़ी है। यहां के सड़क निर्माण, पेयजल संबंधी तकरीबन 1200 प्रस्ताव पास पड़े हैं। इन पर कार्य कराने के लिए बजट नहीं मिला है।

मसूरी विधायक गणेश जोशी के साथ क्षेत्रीय लोगों ने डीएम के साथ बैठक की थी। उनका कहना था कि दो-तीन महीने बाद फिर बरसात आ जाएगी। लेकिन काम शुरू होने से पहले ही बारिश ने और मुसीबत बढ़ा दी।

...तो बरसात में ‘तैरेगी’ राजधानी
दो दिन की बारिश ने मुश्किलें जरूर बढ़ाईं, लेकिन देहरादूनवासियों को उन मुसीबतों से भी रूबरू करा दिया, जो मौजूदा हालात के चलते बरसात में उन्हें झेलनी पड़ सकती हैं।

चोक नालियों के चलते राजधानी के चौराहों, रास्तों पर जलभराव परेशानी का सबब रहा। ओवरफ्लो नालियां, सड़कों पर कीचड़, गंदगी ने नगर निगम की बरसात के दौरान जलभराव से निपटने की तैयारियों की पोल खोल दी। सोमवार को जो नजारा था, यही हाल रहा तो बरसात में राजधानी तैरती नजर आएगी।

यहां लबालब
प्रिंस चौक, दर्शनलाल चौर्क, आईएसबीटी चौक, लैंसडौन चौक, ईसी रोड, कांवली रोड, बल्लूपुर चौक, दून अस्पताल चौराहा, तहसील चौक, आढ़त बाजार आदि।   

सड़कों पर फैली गंदगी
नगर निगम ने रविवार को आईएसबीटी से दर्शनलाल चौक तक नालियों की सफाई का अभियान चलाया। लेकिन कर्मचारियों ने मलबे के ढेर नालियों के ही किनारे सड़क पर लगा दिए। बारिश में सारी गंदगी सड़क पर फैल गई। कीचड़ की वजह से कई वाहन फिसले। दूसरी ओर, आढ़त बाजार में रेलवे स्टेशन की नालियों से निकलने वाली गंदगी सड़क पर फैल र्गई।

जाम से परेशानी
जलभराव की वजह से सोमवार को शहर की सड़कों पर लंबे जाम लगते रहे। दोपहर में वाहनों का दबाव अधिक बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल को सड़कों पर उतारना पड़ा। सबसे अधिक दिक्कत एसएसपी कार्यालय के पास हुई।

यहां कैदियों को ले जाने वाला वाहन काफी देर तक जाम में फंसा रहा। कार्यालय से जवान मौके पर पहुंचे, तब किसी तरह वाहन निकला। इसके अलावा प्रिंस चौक, दर्शनलाल चौक, एमकेपी चौक, डालनवाला में भी वाहन फंसे रहे।

संसदीय सचिव ने किया निरीक्षण
संसदीय कार्य सचिव व राजपुर रोड विधायक राजकुमार और मुख्य नगर अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बारिश के दौरान शहर का दौरा कर जलभराव का जायजा लिया। संसदीय सचिव ने अधिकारियों को हरिद्वार रोड स्थित रोडवेज वर्कशाप के बाहर अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए। बाद में एमएनए ने चौराहों पर ड्रेनेज की सफाई का निर्देश कर्मचारियों को दिया।

नगर निगम ने नाले-नालियों की सर्फाई का काम पहले ही शुरू करा दिया था। बारिश से गंदगी फैल गई। सफाई कर्मचारियों को जल्द से जल्द सफाई अभियान चलाने के लिए कहा गया है। नालों की सफाई बरसात से पहले पूरी कर ली जाएगी।
- नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य नगर अधिकारी

बारिश का असर, सूने रहे दफ्तर
महीने की शुरूआत और सोमवार होने के बावजूद बारिश के कारण सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा रहा। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी ही दिखायी दिए, जबकि कुछ ने बारिश के बहाने छुट्टी मार ली।

डिस्पेंसरी रोड स्थित कांपलेक्स में बने जिला पूर्ति कार्यालय में यूं तो हर रोज चहल-पहल रहती है। राशन कार्ड के काम के कारण अमूमन सभी लोगों का यहां आना-जाना है। सोमवार को कार्यालय सुनसान रहा। विभागीय अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठे तो थे, लेकिन इक्का-दुक्का ही लोग दोपहर तक अपने काम से पहुंचे। दोपहर बाद यहां सिर्फ कर्मचारी और अधिकारी ही दिखाई दिए।


ईसी रोड स्थित सेवायोजन कार्यालय में भी आम दिनों की अपेक्षा काफी कम भीड़ दिखी। कचहरी स्थित लोनिवि कार्यालय में कर्मचारी काम करने में व्यस्त नजर आए।

हालांकि कुछ अभियंताओं के कार्यालय में ठेकेदार अपने काम से आए थे। परेड ग्राउंड स्थित जिला खेल कार्यालय में सिर्फ अधिकारी और कर्मचारी ही बैठे दिखे। मार्च महीने की शुरुआत के साथ ही कर्मचारी बजट और साल भर का लेखाजोखा तैयार करने में जुटे रहे।

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