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कोरोना संकट के चलते अधर में लटका रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण का मामला
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देहरादून। कोरोना संक्रमण के चलते देहरादून रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का मामला फिलहाल अधर में लटक गया है। कार्यों को शुरू करना तो दूर टेंडर तक नहीं हो पा रहे हैं। जबकि रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम निर्माण कार्य 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बता दें, देहरादून रेलवे स्टेशन का 550 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया जाना है। योजना के तहत रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाना है। आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के साथ ही प्लेटफार्म पर ही यात्रियों के बैठने व खाने पीने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉन्कोर्स का निर्माण किया जाना है। इन सब निर्माण कार्यों के अलावा रेलवे स्टेशन पर इस स्मार्ट पार्किंग, बच्चों के मनोरंजन के लिए किड्स जोन, ओल्ड टिहरी की तर्ज पर घंटाघर का निर्माण भी योजना में शामिल है। रेलवे स्टेशन के पास ही अंडरपास बनाने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है। स्टेशन के अगले भाग को वन अनुसंधान संस्थान की तर्ज पर बनाने की योजना है।
देहरादून रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने व निर्माण कार्यों को कराने की जिम्मेदारी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और रेल भूमि विकास निगम (आरएलडीए) को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। निर्माण कार्यों के लिए कंपनी का चयन करने के साथ ही टेंडर दिया जाना था। कोरोना संकट के चलते मामला अधर में लटका हुआ है।
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बहुमंजिला आवासीय भवन का भी किया जाना है निर्माण
रेलवे स्टेशन के पास विभाग की खाली जमीन पर 15 मंजिलें आवासीय भवन का भी निर्माण प्रस्तावित हैं। आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही आम शहरियों को भी आवंटित किया जाना है।
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प्रस्तावित योजना के तहत तमाम निर्माण कार्यों को रेल भूमि विकास निगम की ओर से कराया जाना है। परियोजना में एमडीडीए की भूमिका सिर्फ कंसल्टेंट के तौर पर है परियोजना की प्रगति क्या है? फिलहाल इस संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं है। जल्द ही आरएलडीए के अफसरों से वार्ता कर प्रस्तावित परियोजना में तेजी लाई जाएगी।
-रणवीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष, एमडीडीए
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बता दें, देहरादून रेलवे स्टेशन का 550 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया जाना है। योजना के तहत रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाना है। आगमन और प्रस्थान के लिए अलग-अलग व्यवस्था करने के साथ ही प्लेटफार्म पर ही यात्रियों के बैठने व खाने पीने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कॉन्कोर्स का निर्माण किया जाना है। इन सब निर्माण कार्यों के अलावा रेलवे स्टेशन पर इस स्मार्ट पार्किंग, बच्चों के मनोरंजन के लिए किड्स जोन, ओल्ड टिहरी की तर्ज पर घंटाघर का निर्माण भी योजना में शामिल है। रेलवे स्टेशन के पास ही अंडरपास बनाने के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अत्याधुनिक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाना है। स्टेशन के अगले भाग को वन अनुसंधान संस्थान की तर्ज पर बनाने की योजना है।
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देहरादून रेलवे स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने व निर्माण कार्यों को कराने की जिम्मेदारी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और रेल भूमि विकास निगम (आरएलडीए) को संयुक्त रूप से सौंपी गई है। निर्माण कार्यों के लिए कंपनी का चयन करने के साथ ही टेंडर दिया जाना था। कोरोना संकट के चलते मामला अधर में लटका हुआ है।
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बहुमंजिला आवासीय भवन का भी किया जाना है निर्माण
रेलवे स्टेशन के पास विभाग की खाली जमीन पर 15 मंजिलें आवासीय भवन का भी निर्माण प्रस्तावित हैं। आवासों का निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ ही आम शहरियों को भी आवंटित किया जाना है।
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प्रस्तावित योजना के तहत तमाम निर्माण कार्यों को रेल भूमि विकास निगम की ओर से कराया जाना है। परियोजना में एमडीडीए की भूमिका सिर्फ कंसल्टेंट के तौर पर है परियोजना की प्रगति क्या है? फिलहाल इस संबंध में अभी कोई ठोस जानकारी नहीं है। जल्द ही आरएलडीए के अफसरों से वार्ता कर प्रस्तावित परियोजना में तेजी लाई जाएगी।
-रणवीर सिंह चौहान, उपाध्यक्ष, एमडीडीए