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Rahul Gandhi Dehradun Visit: पेपर लीक पर राहुल का निशाना, छात्रों के भविष्य पर बताया खतरा, भाषण की बड़ी बातें

Fri, 17 Jul 2026 09:31 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला न्यूज डेस्क, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 17 Jul 2026 09:31 PM IST
सार

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने परीक्षाओं में पेपर लीक को देश के युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य भ्रष्टाचार और पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हो रहा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की समस्या केवल एक घटना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता का परिणाम है। 

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देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लगभग साढ़े चार साल बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को देहरादून पहुंचे। बन्नू कॉलेज ग्राउंड में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से उन्होंने संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए।

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राहुल गांधी ने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य लगातार पेपर लीक की घटनाओं से बर्बाद हो रहा है।

राहुल गांधी के भाषण की बड़ी बातें
-पेपर लीक मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय है, इससे लाखों युवाओं का विश्वास टूट रहा है। आरोप लगाया कि पेपर लीक में पूरा सिस्टम शामिल है, ऊपर से नीचे तक जवाबदेही तय होनी चाहिए। कहा कि कोचिंग माफिया, परीक्षा एजेंसियां और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। राहुल ने कहा कि परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं, लेकिन पेपर लीक उनकी मेहनत पर पानी फेर देता है।

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- राहुल गांधी नेकहा कि परीक्षाएं कराना सरकार की जिम्मेदारी है, निजी कंपनियों की नहीं। पूरी तरह सुरक्षित और छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली बनाई जाने चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में रैंडमाइजेशन लागू करने और पारदर्शिता बढ़ाने की वकालत की। कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाना चाहिए।
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-पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की बात कही। जिन छात्रों का पेपर लीक से नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा देने की बात कही। पेपर लीक से प्रभावित एक छात्रा के परिवार की कहानी सुनने के बाद कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।

-कार्यक्रम में कई छात्रों ने मंच से अपनी आपबीती साझा की। एक छात्रा ने बताया कि परीक्षा के बाद पता चला कि प्रश्नपत्र लीक हो गया, जिससे उसकी महीनों की मेहनत बेकार हो गई। वहीं, एक अन्य छात्रा ने भर्ती परीक्षा दोबारा देने की मजबूरी बताई। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
 

 छात्रों की गूंज में युवाओं ने उठाया रोजगार का मुद्दा
राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं ने अपने मुद्दों को मजबूती से उठाया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और कॅरिअर के सीमित अवसरों पर चिंता जताई। युवाओं ने कहा कि आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत रोजगार की है और इस दिशा में ठोस नीतिगत फैसले किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा करते हुए कहा कि डिग्री हासिल करने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं। युवाओं ने यह भी कहा कि सरकार को युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

-पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं मिल रही है। भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होती, जिससे निराशा बढ़ रही है। - तनिषा

-महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। युवाओं के मुद्दों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। - सुर

-सरकारी नौकरियों की संख्या कम हो रही है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों युवा शामिल होते हैं। युवाओं के हाथा खाली हैं। - दिव्यांशी

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-स्किल डेवलपमेंट की बात तो होती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर कम ही दिखता है। वर्तमान समय में रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है। - निष्कर्ष

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। सरकार को इस पर ध्यान देना होगा। - प्रशांत

अगर समय रहते रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं किया गया तो यह आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है। - पियूष




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