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जानिए, कैसे पुरानी सड़क के मैटीरियल से ही चकाचक हो जाएंगी उत्तराखंड की खस्ताहाल सड़कें

Sun, 23 Apr 2017 01:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 23 Apr 2017 01:11 PM IST
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pwd is going to use a new technique to make the road
demo - फोटो : demo pic

सड़क बनाने में लोक निर्माण विभाग एक ऐसी तकनीक इस्तेमाल करने जा रहा है, जिससे सड़क की लागत आधी हो जाएगी। पुरानी और खस्ताहाल सड़कों को उखाड़कर उसी मैटीरियल से उन्हें चकाचक कर दिया जाएगा। इस तकनीक का इस्तेमाल देहरादून के महाराजा अग्रसेन चौक से धर्मपुर मार्ग के बीच होने जा रहा है।

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उधर, इसके व्यापक इस्तेमाल के लिए शासन स्तर पर भी नीति बनाई जा रही है। बता दें कि वर्तमान में विभाग को सिंगल लेन सड़क की लागत 12 से 14 लाख रुपये प्रति किमी पड़ती है। मगर सड़कों को खोद कर उनके मैटीरियल से सड़क बनाए जाने से ये लागत घटकर छह से सात लाख रुपये हो जाएगी। कई राज्यों में इस तकनीक से सड़कों का निर्माण हो रहा है। इस तकनीक के व्यापक इस्तेमाल के लिए शासन स्तर पर एक पालिसी तैयार की जा रही है। 
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इन समस्याओं से मिलेगी निजात
पुरानी सड़क को उखाड़कर उसी की सामग्री से सड़क बनाने से सिर्फ लागत ही कम नहीं होगी। दरअसल, इससे सड़कों के दोनों किनारों पर स्थित प्रतिष्ठानों और आवासों को भी लाभ मिलेगा। बार-बार डामरीकरण से सड़कों का तल किनारों के तल से ऊपर उठ जाता है जिससे बरसात के दिनों आसपास के घरों और प्रतिष्ठानों में पानी भर जाता है। सड़कों को खोदकर उन्हीं के मैटीरियल से जब दोबारा बनाया जाएगा तो उनका तल समान रहेगा। व्यापक इस्तेमाल से पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा।
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देहरादून से होगी शुरुआत 
विभाग ने इसके लिए डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से रिक्लेम एसफोर्टिंग पेवमेंट (आरएपी) मशीन खरीद ली है। इस मशीन में पुराने मैटीरियल को डालकर उसे सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने लायक बनाया जाएगा। विभाग के अधिशासी अभियंता अनिरुद्ध भंडारी के मुताबिक, नई तकनीक से सड़क बनाने की शुरुआत प्रिंस चौक से धर्मपुर के बीच की जाएगी। 

 
मध्यप्रदेश समेत कुछ राज्यों में यह प्रयोग सफल रहा है। विभागीय स्तर पर काफी सोच-विचार के बाद इसके इस्तेमाल का निर्णय लिया गया। मशीन खरीद ली गई है। अभी आरंभिक चरण है। प्रयोग सही रहा तो इसका व्यापक स्तर पर इस्तेमाल होगा। इससे सड़क की लागत में कमी आएगी।
-एचके उप्रेती, प्रमुख अभियंता, लोनिवि

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