बजट सत्रः शहीदों को याद कर स्पीकर की आंखों से छलके आंसू, उपनेता भी नहीं रोक पाए खुद को
- किसान पेंशन योजना को 33 करोड़ का प्रावधान
- मौसम आधारित फसल बीमा योजना में व्यावसायिक फसलों होंगी आच्छादित
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देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों का सोमवार को सदन ने भावपूर्ण स्मरण किया। पूरा माहौल इस कदर गमगीन रहा कि सदस्यों के मुंह से बमुश्किल बोल फूटे। स्पीकर प्रेम चंद्र अग्रवाल छलकती आंखों से अपनी बात कह पाए, तो उपनेता करण माहरा अपना भाषण खत्म करने के बाद आंसू पोंछते हुए अपनी जगह पर बैठे।
मसूरी विधायक ने शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट से जुड़ी अपनी यादों को बेहद भावुक अंदाज में साझा किया। उन्होंने कहा-सोनू ने पिछले दिनों मुलाकात में कहा था-अंकल आप बहुत अच्छा डांस करते हो। मेरी बरात में खूब डांस करना है। कभी सोचा न था कि ये दिन देखना पडे़गा। सदन ने शहीद मेजर वीएस ढौंडियाल को भी बेहद गमगीन माहौल में श्रद्घांजलि दी।
सदन की कार्यवाही सोमवार को जैसे ही शुरू हुई, नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश ने अपनी जगह पर खडे़ होकर शहीदों की शहादत का जिक्र कर दिया। उन्होंने कहा कि किसी की ये मन:स्थिति नहीं है कि वह सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले। मेजर चित्रेश बिष्ट के बाद अब दून का एक और लाल मेजर वीएस ढौंडियाल भी शहीद हो गया है। इसलिए प्रश्नकाल स्थगित करते हुए शहीदों के सम्मान में शोक प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाए।
संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा, देश एकजुट है
संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि सभी शहादतों से दुखी हैं, लेकिन एक और मेजर के शहीद होने की अधिकारिक सूचना आ जाए, तो बाद में चर्चा करा ली जाएगी। मगर विपक्ष ने सबसे पहले इसी पर चर्चा कराने का दबाव बनाया, तो बाद में स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल भी इसके लिए तैयार हो गए।
संसदीय कार्य मंत्री प्रकाश पंत ने शोक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि देश एकजुट है। इस तरह की चुनौती से डरने वाला नहीं है। आतंकियों के मंसूबे पूरे नहीं होंगे। देश शहादतों का बदला लेगा। प्रीतम सिंह ने कहा अब आतंकवाद पर निर्णायक जंग लड़ने का वक्त आ गया है। निर्दलीय विधायक राम सिंह कैडा ने कहा कि पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच ही नहीं, बल्कि अन्य तरह के सभी संबंधों को तत्काल तोड़ दिया जाना चाहिए।
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि भारत विरोधी ताकतों को भारत इस बार भी धूल चटाएगा। पूर्व स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि भारत विरोधी ताकतों से निबटने में अब और विलंब नहीं करनी चाहिए। स्पीकर प्रेम चंद अग्रवाल ने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश एकजुट है। दुश्मन के नापाक इरादे पूरे नहीं हो पाएंगे।
त्रिवेंद्र सरकार का बजट लोक लुभावना
लोकसभा चुनाव से पहले किसानों के लिए त्रिवेंद्र सरकार का बजट लोक लुभावना रहा।
केंद्रीय पोषित योजनाओं की मदद से सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर फोकस किया है। बजट में कृषि और औद्यानिकी के लिए 1341.10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आधुनिक तकनीक से खेती को बढ़ावा देने को प्रदेश में न्याय पंचायत स्तर पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जाएंगे। सीमांत व आर्थिक रूप से कमजोर किसानों के लिए ब्याज मुक्त एक लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कृषि संबंधी कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज पर मिलेगा।
कृषि और औद्यानिकी के लिए प्रदेश सरकार का बजट केंद्र पोषित योजनाओं पर केंद्रित रहा। केंद्र की मदद से संचालित योजनाओं के साथ जोड़ कर सरकार ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य व दुग्ध उत्पादन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर फोकस किया है। किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत 87 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2021 तक प्रदेश में परंपरागत फसलों, फल, सब्जी, जड़ी-बूटी, सगंध पौध, रेशम उत्पादन पर आधारित 3900 कलस्टर स्थापित करने को 104 करोड़ का प्रावधान बजट रखा है।
औद्यानिकी विकास के लिए वित्त वर्ष 2019-20 में 14 फल पौध नर्सरी स्थापित की जाएगी। चमोली के नौटी, नैनीताल के घोड़ाखाल व चंपावत में जैविक चाय उत्पादन के लिए 19 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, 1260 हेक्टेयर में फल, 850 हेक्टेयर में सब्जी व 225 हेक्टेयर में पुष्प उत्पादन का विस्तार किया जाएगा। बजट में प्रदेश के 50 हजार किसानों की फसलों का बीमा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फसलवार स्थापित होंगे मूल्य संवर्धन और उत्कृष्टता केंद्र
वाह्य सहायतित 700 करोड़ रुपये की बागवानी विकास परियोजना से प्रदेश में फल, सब्जी, चाय विकास, खाद्य प्रसंस्करण, आधारभूत ढांचा जैसी गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रदेश में फसलवार मूल्य संवर्धन व उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
डोईवाला व बाजपुर चीनी मिल का होगा आधुनिकीकरण
सरकार ने बजट में गन्ना विकास के लिए 215 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें सार्वजनिक व सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों के लिए किसानों का भुगतान करने, निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को 4.50 रुपये प्रति क्विंटल की दर से वित्तीय सहायता व पेराई सत्र 2017-18 के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए सस्ते दर पर ऋण दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
समेकित सहकारिता विकास परियोजना को 100 करोड़ का बजट
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार ने बजट में समेकित सहकारिता विकास परियोजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान बजट में किया है। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, भेड़ बकरी, मुर्गीपालन, दुग्ध उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने के साथ रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।