फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Public hearing: People said - energy corporation employees waste the electricity, why do the public bear the burden

जनसुनवाई: लोगों का छलका दर्द, कहा- ऊर्जा निगमों के कर्मचारी बिजली की बर्बादी से नहीं चूकते, जनता उनका बोझ क्यों भुगते

Thu, 03 Mar 2022 04:11 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 03 Mar 2022 04:11 PM IST
सार

नियामक आयोग के सामने बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया है। जिसके बाद आयोग इस पर प्रदेशभर में जन सुनवाई कर रहा है।

विज्ञापन
Public hearing: People said - energy corporation employees waste the electricity, why do the public bear the burden
जनसुनवाई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में बिजली दरों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर जैसे ही उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग में जनसुनवाई शुरू हुई तो लोगों का दर्द छलक उठा। लोगों ने कहा कि जब खुद ऊर्जा निगमों के अधिकारी और कर्मचारी बिजली की फिजूलखर्ची करके, दायित्व न निभाकर निगमों को घाटे में ला रहे हैं तो इसका खामियाजा जनता क्यों भुगते।

विज्ञापन


दरअसल, यूपीसीएल ने बिजली दरों में 6.02 प्रतिशत और तीनों ऊर्जा निगमों का मिलाकर 10.2 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने आया है। आयोग इस पर प्रदेशभर में जन सुनवाई कर रहा है। आयोग के दफ्तर में सुबह 10:30 बजे से उद्योगों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए सुनवाई हुई। यह सुनवाई आयोग के कार्यकारी अध्यक्ष डीपी गैरोला और सदस्य तकनीकी एमके जैन के समक्ष हुई।
विज्ञापन


इसमें आए उद्योगों के पदाधिकारियों और दुकानदारों ने एक सिरे से बिजली बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। सुबह के सत्र में इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, राजीव अग्रवाल, संजीव शर्मा, कमलदीप कांबोज, गुलशन खंडूरी, विशाल भारद्वाज, मनमोहन भारद्वाज, नवीन पटवाल, मनीष गेरा, प्रशांत, अनुराग शर्मा, अरविंद शर्मा, सुनीता चौधरी आदि ने अपने सुझाव रखे। दूसरे सत्र में आम उपभोक्ताओं बीरू बिष्ट, राजेश चौधरी, एसके सिंह, विश्वकर्मा, एसपी नौटियाल, एसके गुप्ता, एसके अग्रवाल आदि तमाम लोगों ने अपने सुझाव रखे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इन बातों के आधार पर लोगों ने जताई बिजली बढ़ोतरी पर आपत्ति
-बिजली विभाग के दफ्तरों में 24 घंटे लाइटें जली रहती हैं। फ्रीज से लेकर एसी तक सभी चलते रहते हैं लेकिन कोई खर्च नहीं लिया जाता।
-अधिकारियों-कर्मचारियों के घरों में, सरकारी आवासों में खुलेआम बिजली जलाई जा रही है। हीटर चलाए जा रहे हैं। कोई रोकटोक नहीं।
-प्रदेश के कई जिलों में खुलकर बिजली चोरी हो रही है। पूर्व में जो चोरी के मामले पकड़े गए, उनमें कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।
-ग्रामीण इलाकों में रखे बतौर हेल्पर रखे गए स्थानीय युवा अपने पहचान वालों को चोरी से बिजली खर्च करवाते हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं।
-जब यूजेवीएनएल और यूपीसीएल अपने प्रॉफिट से पैसा राज्य सरकार को दे रहे हैं तो उन्हें जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की क्या जरूरत। 

अब आठ को कोटद्वार में जनसुनवाई, नौ को बैठक
नियामक आयोग की आखिरी जन सुनवाई आठ मार्च को कोटद्वार नगर निगम में होगी। इसके बाद विद्युत सलाहकार समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद आयोग सभी पक्षों पर विचार करेगा और टैरिफ पर निर्णय लेगा जो कि एक अप्रैल से प्रदेशभर में लागू होना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed