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आपसी खींचतान में नहीं बन रहे जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र 

Thu, 22 Dec 2016 09:44 AM IST
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 22 Dec 2016 09:44 AM IST
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public faces problem in making birth and death certificates
जन्म प्रमाण पत्र - फोटो : डेमो फोटो

पटवारियों और जिला प्रशासन के बीच चल रही खींचतान में आम जनता पिस रही है। करीब एक माह पहले एसडीएम सदर विनीत कुमार ने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच की व्यवस्था पटवारियों को सौंपी थी।

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साथ ही, सभी प्रमाण पत्रों को आनलाइन किए जाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई। साथ ही, पटवारियों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की गई, लेकिन पटवारियों ने दोनों काम करने से साफ इनकार कर दिया था। इस कारण करीब एक माह से प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं।
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इधर, हाल ही में पटवारियों की मांग पर डीएम रविनाथ रमन ने भी फिलहाल पुरानी व्यवस्था जारी रखने का निर्देश दिया है। पुरानी व्यवस्था के तहत जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच ग्राम विकास अधिकारियों को करनी है।
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हालांकि, इस संबंध में डीएम का आदेश अभी तक एसडीएम सदर तक नहीं पहुंचा है। ऐसे में न तो पुरानी व्यवस्था लागू हो पाई और न ही पटवारी जन्म-प्रमाण पत्रों की जांच कर रहे हैं। 

पटवारियों पर पहले से ही भूमि संबंधी एवं अन्य कार्यों का बोझ है। ऐसे में नए-नए काम कैसे कर पाएंगे। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों की जांच भला पटवारी कैसे कर सकते हैं, जब उन्हें उन लोगों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। यह काम तो पूर्व की व्यवस्था के तहत ग्राम विकास अधिकारी ही बेहतर कर सकेंगे। पटवारियों को कंप्यूटर के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो वह प्रमाण पत्रों संबंधी आनलाइन व्यवस्था को भी कैसे अपना सकते हैं। हम अपनी समस्या डीएम के सामने रख चुके हैं। फिलहाल उन्होंने सभी व्यवस्थाएं पहले की तरह चलाए जाने का आश्वासन भी दिया है। 
- हीरा सिंह बिष्ट, जिलाध्यक्ष, लेखपाल संघ देहरादून

चुनाव की वजह से फिलहाल पटवारियों की बात मान ली गई है, लेकिन ऐसा नहीं है कि उन्हें यह सब काम नहीं करने होंगे। चुनाव के बाद जो दिशा-निर्देश दिए जाते हैं, उन्हें उसका पालन करते हुए नई व्यवस्थाओं को अपनाना होगा। ऐसा न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- रविनाथ रमन, डीएम

जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की जांच ग्राम विकास अधिकारियों से कराने के संबंध में अभी तक डीएम के आदेश नहीं मिले हैं। फिलहाल इसकी जिम्मेदारी पटवारियों के पास ही है। नए आदेश आने पर उसका पालन किया जाएगा। 
- विनीत कुमार, एसडीएम सदर

लिया जाए कोई एक फैसला
लाडपुर क्षेत्र के पूर्व प्रधान कपिल बोरा क्षेत्रवासियों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान हैं। बोरा ने बताया कि आए दिन तहसील और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यवस्था करनी हो, शीघ्र की जाए। पटवारी यह काम करेंगे तो जल्द करें, नहीं करेंगे तो स्पष्ट करें। अधिकारियों ने नए आदेशों और पटवारियों की मनमानी के बीच आम जनता को क्यों लटकाया जा रहा है। 

भटक रहे लोग
नवादा निवासी अशोक चौहान पिछले 26 दिन से एसडीएम सदर कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। बताया कि पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है। इसके चलते अपनी मजदूरी भी छोड़नी पड़ रही है।

नेहरूग्राम निवासी कामोद प्रसाद को बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने हैं। कामोद ने बताया कि स्कूल में इनकी जरूरत पड़ रही है, लेकिन न तो पटवारी के यहां से कोई जवाब मिल रहा है और न ही अधिकारी कुछ बता रहे हैं।


बल्लूपुर निवासी बृज लाल को भी अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाना है। बताया कि एक माह से एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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