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उत्तराखंड में चुनाव के बाद कहीं भाजपा की 'सरकार' बनी तो कहीं कांग्रेस की

Thu, 16 Feb 2017 08:08 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Feb 2017 08:08 PM IST
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public discussion after uttarakhand election assembly
नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी - फोटो : file photo

मतदान निपटने के बाद अब हर कोई अपने-अपने हिसाब से सीटों का आंकलन कर रहा है। किसी के अनुसार भाजपा बहुमत में आकर सरकार बना रही है तो कोई कांग्रेस को दोबारा गद्दी सौंप रहा है।

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वहीं कई ऐसे भी हैं, जो किसी को स्पष्ट बहुमत न मिलने की बात कहकर निर्दलियों के किंग मेकर बनने का दावा कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सभी प्राइवेट और सरकारी दफ्तरों में इसी तरह की चर्चाएं आम रही। यहां तक की चाय और पान की दुकानों पर भी लोग अपने-अपने हिसाब से सरकार बनाते और गिराते रहे।
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विधानसभा चुनाव 2017 के लिए मतदान भले ही निपट गया हो लेकिन चुनावी खुमार अभी उतरा नहीं है। मतदान के बाद आने वाली सरकारी को लेकर कयासबाजी का दौर चल रहा है। हर कोई अपने-अपने हिसाब से आंकलन कर रहा है।

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डॉक्टर और कर्मचारी भी भविष्य की चर्चा में व्यस्त रहे

public discussion after uttarakhand election assembly
doctor

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डॉक्टर और कर्मचारी भी भविष्य की चर्चा में व्यस्त रहे। यहां केवल हवाई दावे नहीं हुए बल्कि मतदान प्रतिशत, बागियों की स्थिति, बड़े नेताओं की जीत-हार जैसे तथ्यों को सामने रखकर हार-जीत का दावा चलता रहा। हालांकि किसकी सरकार बनेगी, इसको लेकर एकराय कोई नहीं दिखा।

एमडीडीए कार्यालय में भी भविष्य की सरकार को लेकर खूब कयास लगे। यहां तक की कुछ बड़े नेताओं की हार-जीत को लेकर भी चर्चाएं आम रही। सबसे ज्यादा फोकस शहर की पांच सीटों को लेकर हुआ। ज्यादातर लोग भाजपा या कांग्रेस को बहुमत मिलने का अनुमान लगा रहे हैं। जबकि कुछेक की नजर में दोनों ही पार्टियां स्पष्ट बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर रह जाएगी। सीएमओ कार्यालय के हालात भी कुछ ज्यादा जुदा नहीं है।

यहां भी कर्मचारी नेताओं की हार-जीत और आने वाली सरकार को लेकर चर्चा कर रहे हैं। यहां कुछ कर्मचारियों की मानें तो निर्दलियों को फायदा हो सकता है। इसके पीछे सबके अपने-अपने तर्क हैं। वहीं कुछ ऐसे हैं, जिन्हें तर्कों और तथ्यों से कोई मतलब नहीं। वह किसी दल या नेता विशेष की हार-जीत का दावा कर रहे हैं क्योकि उनका मन यही कहता है।

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