सचिवालय पर गरजे रमसा कार्मिक
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पूर्व से कार्यरत रमसा कार्मिकों का राजकीय एजेंसी में समायोजन, वित्तीय वर्ष 2014-15 में अप्रैल से मानदेय देने और आचार संहिता के चलते कार्यभार ग्रहण न करने वाले रमसा कार्मिकों को कार्यभार देने की मांगों को लेकर रमसा कार्मिक सचिवालय पर गरजे।
कार्मिकों ने सरकार पर भारी अनदेखी का आरोप लगाया। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान(रमसा) कार्मिकों का कहना था कि वित्तीय वर्ष 2013-14 में विभिन्न एजेंसियों से आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रयोगशाला व कार्यालय सहायकों की नियुक्तियां की गई थी।
इसका अनुबंध 31 मार्च 2014 को समाप्त हो गया है। सेवा विस्तार के लिए सभी कार्मिक सीएम, शिक्षा मंत्री से मिले थे तो मौखिक आश्वासन दिया गया था। साथ ही कहा गया था कि सभी आउटसोर्सिंग कार्मिक अपने विद्यालयों में बने रहें।
चार माह बीत गए लेकिन सेवा विस्तार नहीं दिया जागा है। धरना दिया गया तो 22 अगस्त को शासन ने शासनादेश जारी कर दिया। लेकिन आज 53 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक आदेश जारी नहीं हो पाए हैं।
सचिवालय पर कई घंटे धरने पर बैठने के बाद कार्मिकों का प्रतिनिधिमंडल सचिव राधिका झा से मिला। उन्होंने कार्मिकों से 17 अक्तूबर तक का समय मांगा है। इसके बाद वह लौट गए।