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भोजनमाता ने बच्चों के साथ शुरू की भूख हड़ताल
अमर उजाला, उत्तरकाशी/बड़कोट
Updated Mon, 09 Dec 2013 06:12 PM IST
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भोजन माता के पद पर यथावत रखने सहित चार सूत्री मांग के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गंगाणी की भोजनमाता शांति देवी ने पति और बच्चों के साथ बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भोजन माता ने मांग पूरी न होने तक हड़ताल पर डटे रहने की चेतावनी दी।
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कार्यमुक्त करने से हैं नाराज
कलक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठी शांति देवी ने कहा कि 23 अक्तूबर 2011 को उसका कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गंगाणी में तीन हजार रुपये मासिक मानदेय पर भोजन माता के पद पर चयन किया गया था। शुरुआत में सिर्फ दो माह का मानदेय ही मिल पाया। इसके बाद विद्यालय की वार्डन ने अपने निजी स्वार्थ के लिए उन्हें कार्यमुक्त दिखा दिया। जबकि वे लगातार स्कूल जा रही थी।
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कार्रवाई की मांग
11 बच्चों का पालन पोषण करने वाली शांति देवी ने भोजन माता के पद यथावत रखने, अवशेष मानदेय का भुगतान करने, विद्यालय की वार्डन और उसको संरक्षण प्रदान करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।विद्यालय की वार्डन चंद्रप्रभा ने बताया कि भोजनमाता विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से पांच माह के लिए रखी गई थी।
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इसके बाद उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। बड़कोट एसडीएम देवमूर्ति यादव ने कहा कि भोजनमाता का भूख हड़ताल पर बैठना न्यायोचित नहीं है। भोजनमाता विद्यालय प्रबंधन समिति पर अनावश्यक दबाव बना रही है।