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Dehradun News: इंतजार करते रह गए दरोगा-इंस्पेक्टर, बाजी मार गए बाबू
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Iपुलिस में मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के डीएसपी और इंस्पेक्टर के पद बढ़ाने की तैयारीI
लिपिक और आशुलिपिकों के पांच संवर्गों में डीएसपी के 31 और इंस्पेक्टर के 28 पद सृजन का प्रस्ताव
पुलिस के विभिन्न संवर्गों में दरोगा और इंस्पेक्टर लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। इसमें पदों की सीमित संख्या आड़े आ जाती है। लेकिन, अब पुलिस विभाग के नए प्रस्ताव के अनुसार पुलिस विभाग के बाबू बाजी मारते दिख रहे हैं। विभाग मिनिस्ट्रीयल संवर्ग (लिपिक और आशुलिपिक) में अच्छे खासे पद बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। इसके लिए पुलिस की ओर से पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और इंस्पेक्टर के बड़ी संख्या में पद सृजित करने को प्रस्ताव शासन भेजा है। इस प्रस्ताव पर गृह विभाग की भी मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसे कैबिनेट के लिए भेजा जा सकता है।
पुलिस ने पिछले दिनों मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों यानी बाबू व स्टेनो का कैडर रिव्यू का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई तो पुलिस विभाग में मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में डीएसपी के पद को चार से बढ़ाकर 35 किया जाएगा। इसके अलावा इंस्पेक्टर के 26 पदों को बढ़ाकर 54 किया जाना है। बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के बाद प्रत्येक जिले में एक डीएसपी (एम) तैनात कियाज जाएगा। इसे सीओ अकाउंट्स और सीओ ऑफिस भी कहा जा सकता है।
बता दें कि इंस्पेक्टर और दरोगा लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। कभी उनकी वरिष्ठता सूची में पेच फंसता है तो कभी कोई और बाधा आ जाती है। इससे बहुत से बैच के इन अधिकारियों में रोष भी व्याप्त है। लंबे समय से इस तरह की व्यवस्था से कई अधिकारी व कर्मचारी विभिन्न मामलों को लेकर कोर्ट और ट्रिब्यूनल का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि इस नई व्यवस्था से किस तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।
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Iइस तरह होगी व्यवस्थाI
लिपिक के पांच संवर्ग पीएचक्यू, सीआईडी, इंटेलीजेंस, जिला और जीआरपी हैं। इनमें डीएसपी के कुल तीन, इंस्पेक्टर के 15 पद स्वीकृत हैं। जबकि, आशुलिपिक यानी स्टेनो के इन संवर्गों में डीएसपी का एक और इंस्पेक्टर के 11 पद हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार लिपिक के पांचों संवर्गों में से चार में कुल 28 पद होने हैं। इनमें 17 पद जिलों के लिए सृजित होने हैं। जबकि, इंस्पेक्टर के पदों को 37 किए जाने को प्रस्ताव भेजा गया है। इसी तरह स्टेनो के पांच संवर्ग में डीएसपी के पदों को एक से बढ़ाकर सात किया जाना है। जबकि, निरीक्षकों की संख्या 17 किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।
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लिपिक और आशुलिपिकों के पांच संवर्गों में डीएसपी के 31 और इंस्पेक्टर के 28 पद सृजन का प्रस्ताव
पुलिस के विभिन्न संवर्गों में दरोगा और इंस्पेक्टर लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। इसमें पदों की सीमित संख्या आड़े आ जाती है। लेकिन, अब पुलिस विभाग के नए प्रस्ताव के अनुसार पुलिस विभाग के बाबू बाजी मारते दिख रहे हैं। विभाग मिनिस्ट्रीयल संवर्ग (लिपिक और आशुलिपिक) में अच्छे खासे पद बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। इसके लिए पुलिस की ओर से पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और इंस्पेक्टर के बड़ी संख्या में पद सृजित करने को प्रस्ताव शासन भेजा है। इस प्रस्ताव पर गृह विभाग की भी मंजूरी मिल चुकी है। जल्द ही इसे कैबिनेट के लिए भेजा जा सकता है।
पुलिस ने पिछले दिनों मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों यानी बाबू व स्टेनो का कैडर रिव्यू का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई तो पुलिस विभाग में मिनिस्ट्रीयल संवर्ग में डीएसपी के पद को चार से बढ़ाकर 35 किया जाएगा। इसके अलावा इंस्पेक्टर के 26 पदों को बढ़ाकर 54 किया जाना है। बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था के बाद प्रत्येक जिले में एक डीएसपी (एम) तैनात कियाज जाएगा। इसे सीओ अकाउंट्स और सीओ ऑफिस भी कहा जा सकता है।
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बता दें कि इंस्पेक्टर और दरोगा लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं। कभी उनकी वरिष्ठता सूची में पेच फंसता है तो कभी कोई और बाधा आ जाती है। इससे बहुत से बैच के इन अधिकारियों में रोष भी व्याप्त है। लंबे समय से इस तरह की व्यवस्था से कई अधिकारी व कर्मचारी विभिन्न मामलों को लेकर कोर्ट और ट्रिब्यूनल का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि इस नई व्यवस्था से किस तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी।
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Iइस तरह होगी व्यवस्थाI
लिपिक के पांच संवर्ग पीएचक्यू, सीआईडी, इंटेलीजेंस, जिला और जीआरपी हैं। इनमें डीएसपी के कुल तीन, इंस्पेक्टर के 15 पद स्वीकृत हैं। जबकि, आशुलिपिक यानी स्टेनो के इन संवर्गों में डीएसपी का एक और इंस्पेक्टर के 11 पद हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार लिपिक के पांचों संवर्गों में से चार में कुल 28 पद होने हैं। इनमें 17 पद जिलों के लिए सृजित होने हैं। जबकि, इंस्पेक्टर के पदों को 37 किए जाने को प्रस्ताव भेजा गया है। इसी तरह स्टेनो के पांच संवर्ग में डीएसपी के पदों को एक से बढ़ाकर सात किया जाना है। जबकि, निरीक्षकों की संख्या 17 किए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है।