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Dehradun News: बुक बैंक और लाइब्रेरी का फायदा उठा रहे होनहार

Thu, 04 Apr 2024 02:06 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2024 02:06 AM IST
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Promising students are taking advantage of book bank and
बुक बैंक और फ्री लाइब्रेरी से क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों को बड़ी राहत मिल रही है। यहां से छात्र कक्षा के अनुसार किताबें एक्सचेंज कर रहे हैं। जिससे अभिभावकों का आर्थिक बोझ कम हो रहा है। बुक बैंक और फ्री लाइब्रेरी जरूरतमंद छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है।
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शिक्षा की अलख जगाने के लिए कुछ लोगों ने अनूठी पहल की है। विकासनगर के व्यवसायी रमन ढींगरा सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वह बीते पांच साल से अपनी दुकान में बुक बैंक चला रहे हैं। यहां छात्र अपनी पुरानी किताबें दे जाते हैं। जिन्हें रमन ढींगरा कक्षावार व्यवस्थित कर देते हैं। इन किताबों को जरूरतमंद छात्रों को दिया जाता है। यहां से छात्र किताबें भी एक्सचेंज करते हैं।
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रमन ढींगरा ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों की किताबें बहुत महंगी होती हैं। अक्सर छात्र अपनी पुरानी कक्षा की किताबें दे जाते हैं, उसके बदले नई कक्षा की किताबें ले जाते हैं। वे अब तक 100 से अधिक छात्रों को किताबें दे चुके हैं। कहा कि छात्रों और अभिभावकों के सहयोग से बुक बैंक चल रहा है।
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वहीं सामाजिक संस्था मनरूप चैरिटी एंड रिसर्च सेंटर ने छात्रों की सुविधाओं के लिए फ्री लाइब्रेरी की व्यवस्था की हुई है। संस्था से जुड़े आयुष ने बताया कि कोविड काल के दौरान छात्रों को किताबें मुहैया कराने की मुहिम शुरू की गई थी, जो अब तक जारी है। इस साल अब तक 200 बच्चों को किताबें प्रदान की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए पूरी मदद की जाती है। छात्र कक्षा के अनुसार किताबें एक्सचेंज करते हैं।





मैं सब्जी बेचकर किसी तरह घर चलाता हूं। महंगाई के इस दौर में मुझे फ्री लाइब्रेरी ने बच्चों के लिए किताबें उपलब्ध कराई हैं। जिससे मेरा आर्थिक बोझ कम हुआ। - धमेंद्र कुमार, अभिभावक




मैं ई-रिक्शा चलाता हूं। किसी तरह से घर चलता है। बच्चों की किताबें महंगी हैं। बच्चों के लिए निशुल्क पुस्तकें मिलने से मुझे बहुत बड़ी राहत मिली हैं। - प्रेम कुमार, अभिभावक
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