{"_id":"64cdfe2880b88ce9190e9965","slug":"procession-protest-against-removal-of-harimohan-negi-from-the-post-of-nagar-panchayat-president-uttarkashi-2023-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi: नगर पंचायत अध्यक्ष को हटाने के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन, सड़क पर उतरे भारी संख्या में कांग्रेसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi: नगर पंचायत अध्यक्ष को हटाने के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन, सड़क पर उतरे भारी संख्या में कांग्रेसी
Sat, 05 Aug 2023 01:28 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी,उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी,उत्तरकाशी
Published by: रेनू सकलानी
Updated Sat, 05 Aug 2023 01:28 PM IST
सार
पुरोला नगर पंचायत के अध्यक्ष हरिमोहन नेगी को बर्खास्त कर इस पद को रिक्त घोषित कर दिया गया है, जिसके विरोध में आज उत्तरकाशी पुरोला में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
उत्तरकाशी में लोगों का प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तरकाशी जिले के पुरोला नगर क्षेत्र में हरिमोहन नेगी को नगर पंचायत अध्यक्ष पद से हटाने के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता भारी संख्या में सड़कों पर उतरे। प्रदेश सरकार के खिलाफ जुलूस निकालते हुए कांग्रेसियों ने कहा कि हरिमोहन नेगी को द्वेष भावना से पद से हटाया गया है।
विज्ञापन
वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार के आरोपों में सरकार ने पुरोला नगर पंचायत के अध्यक्ष हरिमोहन नेगी को बर्खास्त कर दिया है। इस पद को रिक्त घोषित कर दिया गया है। शासन ने यह निर्णय जिलाधिकारी और शहरी विकास निदेशालय की जांच व नेगी से जवाब मिलने के बाद लिया है।
विज्ञापन
नगर पंचायत पुरोला के वार्ड नंबर 1, 2, 3 और 6 के सभासदों क्रमश: भुवनेश, सुषमा चौहान, धनवीरी चौहान और विनोद नौडियाल ने अध्यक्ष हरिमोहन नेगी पर वित्तीय अनिमितताओं का आरोप लगाते हुए शपथपत्र के साथ लिखित शिकायत डीएम और शहरी विकास निदेशालय को दी थी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Gaurikund Landslide: मलबे के बीच बिखरी पड़ी कंडियां, उठाने वाले लोग लापता, दर्दनाक हादसा बयां करती तस्वीरें
अध्यक्ष नेगी पर राज्य वित्त सहित 15वें वित्त और अवस्थापना मदों के तहत कराए गए कार्यों में अनियमितता, बोर्ड बैठक के प्रस्ताव के अभिलेखों में ओवरराइटिंग, कोविड-19 के दौरान 26.25 लाख के सामान खरीदने, चार कार्मिकों को आउटसोर्सिंग से भर्ती करने, विद्युतीकरण में फर्जीवाड़े, निजी वाहनों में डीजल-पेट्रोल का इस्तेमाल करते हुए नगर पंचायत से भुगतान जैसे संगीन आरोप थे।