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पहाड़ की पीड़ा पर घिरी उत्तराखंड सरकार

Tue, 21 Jan 2014 11:30 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Jan 2014 11:30 AM IST
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problem rise in assembly session

13 जनवरी के बाद 20 जनवरी को देहरादून में शुरू हुए विधानसभा सत्र में सदस्यों ने पहाड़ी क्षेत्रों की दुश्वारियों से जुड़े सवाल उठाए और सरकार को घेरा।

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प्रश्नकाल में उठाए गए सदस्यों के प्रश्नों का मंत्रियों केपास कोई जवाब नहीं मिला। विपक्ष ही नहीं, कांग्रेस विधायकों केसवालों से सरकार कटघरे में खड़ी रही।
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इस ओर नहीं है सरकार का ध्यान
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भोजन अवकाश के बाद पटवारियों की हड़ताल का मसला सदन में उठाया और सरकार की उदासीनता पर सवाल खड़े किए और कहा कि पटवारियों की हड़ताल के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में कानून व्यवस्था चरमरा गई है पर सरकार का ध्यान इस ओर नहीं है।

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सदन में उस समय लोकायुक्त को लेकर शोर बरपा हुआ था, लिहाजा पटवारियों की हड़ताल का मसला भी दब कर रह गया। सदन में सरकार को मानना पड़ा कि पहाड़ में डाक्टरों की ही नहीं, शिक्षकों की भी कमी है।

हालांकि संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने माना कि मामला गंभीर है पर उनकी ओर से आया जवाब विपक्ष को संतुष्ट नहीं कर पाया। इस बात से नाराज सल्ट विधायक सुरेंद्र जीना सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर ही बाहर चले गए।

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सल्ट विधायक का कहना था कि एक तरफ पहाड़ में शिक्षकों की कमी है तो दूसरी तरफ मध्य सत्र में तबादले कर दिए गए। अब लोग धरने पर बैठे हुए हैं। जीना ने जिस समय यह मसला उठाया, उस समय शिक्षा मंत्री सदन में थे ही नहीं।


लिहाजा संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने जवाब दिया। माना कि पहाड़ पर शिक्षकों की कमी है। उन्होंने कहा कि मध्य सत्र में जो जरूरी थे वही तबादले किए गए। जल्द ही शिक्षक ज्वाइनिंग ले लेंगे तो कमी दूर हो जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट सहित विपक्ष के अधिकतर विधायक इससे सहमत नहीं हुए। विपक्ष ने इस मसले को लेकर खासी नाराजगी जताई। इससे पहले डॉक्टरों के मामले में भी स्वास्थ्य मंत्री एसएस नेगी को स्वीकार करना पड़ा था कि पहाड़ में डाक्टरों की कमी है।

सड़क की चौड़ाई नहीं पता
विधायक मयूख महर के पिथौरागढ़-आंवलाघाट-गंगोलीहाट मोटर मार्ग के निर्माण से संबंधित प्रश्न पर भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के पहाड़ में बनने वाली सड़कों की चौड़ाई को लेकर पूछे अनुपूरक प्रश्न पर सरकार घिर गई।

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जीना ने पूछा कि केंद्र के मानकों में पर्वतीय क्षेत्र में बनने वाली सड़कों की अधिकतम चौड़ाई कितनी निर्धारित है। संसदीय कार्यमंत्री जवाब टटोलती रही, फिर बताया कि 7 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाता है।

विधायक ने बताया कि अल्मोड़ा जनपद से तो 9 मीटर चौड़ी सड़क निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं आखिर वह कैसे पास होंगे। संसदीय कार्यमंत्री ने अपने पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने कहा कि सरकार विधायक जीना के पूछे सवाल का स्पष्ट उत्तर मुहैया करवाए।

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