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फिल्म 'लखनऊ सेंट्रल' जेल की तरह इस कैदी ने भी बनाया भागने का प्लान, पढ़िए अंजाम

Sat, 25 Nov 2017 01:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sat, 25 Nov 2017 01:00 PM IST
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prisoner planned to escape from jail like 'Lucknow Central' film
jail

हाल ही में आई फरहान अख्तर और दीपक डोबरियाल अभिनीत फिल्म लखनऊ सेंट्रल का दृश्य तो आपको याद ही होगा।

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लखनऊ सेंट्रल जेल के चार कैदी जैसे भागने की कोशिश करते हैं ठीक उसी तर्ज पर हल्द्वानी उप कारागार के एक कैदी ने भागने का प्रयास किया।

यह अलग बात है कि फिल्म में कैदियों का हृदय परिवर्तन हो जाता है और वह लौट आते हैं। जबकि हल्द्वानी उप कारागार में भागते कैदी को बंदी रक्षकों की सूझबूझ से धर लिया गया।

बैरक नंबर तीन में बंद कैदी बृहस्पतिवार की शाम निर्माणाधीन बैरक की ओट में छिपते हुए बैरक नंबर दो के समीप से  जेल की चहारदीवारी की तरफ निकल गया। उसने कपड़ों को जोड़कर दीवार फांदने की कोशिश की।
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इस बीच बंदी रक्षकों की नजर चहारदीवारी पर पड़ गई। उन्होंने तत्काल कपड़ा खींचकर कैदी को नीचे पकड़ लिया। जेल के कर्मचारियों का कहना था कि पहले भी वह जेल की दीवार फांदकर भाग चुका है। यदि देर होती तो वह अपने मंसूबे में सफल हो सकता था।  
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सूचना मिलने पर  पर एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने जेल अधीक्षक से पूछताछ की। जेल अधीक्षक ने बताया कि चूंकि आरोपी अंदर ही पकड़ा गया था। इसी कारण पुलिस को सूचना नहीं दी गई।

भागने वाले कैदी मुराद अली का रिकार्ड काफी खराब है। इस मामले में जेल अधिकारी यह जानकारी जुटा रहे हैं कि कैदी ने किन-किन लोगों ने मुलाकात की थी। आशंका है कि बाहरी लोगों से मिलकर तो भागने की योजना नहीं बनाई थी।


300 कैदियों को भेजने का आदेश जारी
आईजी जेल डॉ. पीवीके प्रसाद ने बताया कि हल्द्वानी जेल में कैदियों की संख्या अधिक होने के कारण 300 कैदियों को सितारगंज भेजने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कैदियों की संख्या कम होने पर जेल अधिकारियों पर दबाव कम हो जाएगा।

इसके पहले जेल अधीक्षक  की ओर से कैदियों की संख्या कम करने के लिए आईजी जेल के पास प्रस्ताव भेजा गया था।

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