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रुड़की: पुलिस को चकमा देकर अस्पताल में भर्ती कैदी हथकड़ी खोलकर हुआ फरार, मचा हड़कंप

Sat, 01 Jun 2019 10:18 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 01 Jun 2019 10:18 AM IST
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Prisoner Abscond after open Handcuffs during Admitted in hospital at roorkee
कैदी के फरार होने के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के रुड़की अस्पताल में भर्ती एक बंदी चार जवानों को चकमा देकर हथकड़ी खोलकर फरार हो गया। जवानों ने बंदी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस कस्टडी से बंदी के फरार होने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया।

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आनन फानन में सीओ रुड़की व गंगनहर कोतवाली प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इस दौरान पुलिस ने बंदी की रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन समेत कलियर क्षेत्र में तलाश की, लेकिन बंदी का कुछ पता नहीं चल पाया। 
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कलियर के रहमतपुर निवासी कादर पुत्र हैदर अली को कलियर पुलिस ने चाकू के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 25 मई को आरोपी को रुड़की जेल भेज दिया था। तभी से बंदी रुड़की जेल में ही बंद था। 28 मई को कादर ने सीने में दर्द की शिकायत की जानकारी जेल प्रशासन को दी थी। इस पर जेल प्रशासन ने उसे रुड़की सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। तभी से बंदी का सिविल अस्पताल में उपचार चल रहा था।

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फोटो भेजकर तलाश करने के निर्देश

बंदी की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन ने दो जेल कर्मचारी और दो पीआरडी जवानों की ड्यूटी लगाई थी। शुक्रवार करीब सवा दो बजे सुरक्षा में तैनात चारों जवान आपस में बातचीत कर रहे थे। इस बीच बंदी ने जवानों की नजर बचते ही हाथ में पड़ी हथकड़ी किसी तरह ढीली कर ली और मौका पाते हुए अस्पताल से फरार हो गया। बंदी को फरार होता देख जवानों ने उसका पीछा कर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन बंदी अस्पताल के पास एक खाली पड़ी झाड़ियों में जा छिपा।

जवानों ने उसकी झाड़ियों में तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस पर जवानों ने घटना की सूचना जेल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने मामले को गंगनहर कोतवाली पुलिस को अवगत कराया। बंदी के फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट, गंगनहर कोतवाली प्रभारी राजेश साह व एसएसआई रणजीत तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बंदी की सुरक्षा में तैनात जवानों से जानकारी ली।

इसके बाद सीओ ने अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की छानबीन की। सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि बंदी की तलाश की जा रही है। उसके घर पर भी पुलिस ने दबिश दी थी, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया है। आसपास के थानों में उसका फोटो भेजकर तलाश करने के निर्देश दिए गए हैं। 

बृहस्पतिवार को भी भागने की फिराक में था बंदी

पुलिस ने बंदी की सुरक्षा में तैनात जवानों से जानकारी ली तो पता चला कि वह शातिर दिमाग है। बृहस्पतिवार को उसने एक जवान की जेब से हथकड़ी की चाबी निकाल ली थी। बंदी की हरकत जवान को पता चल गई थी। इस पर जवान ने उससे चाबी छीनकर अपनी जेब में रख ली थी। वहीं, सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर बंदी ने चाबी निकाल ली थी तो इसके बाद भी सुरक्षा में क्यों चूक बरती गई। 

युवक को धक्का देकर हुआ फरार
जिस समय आरोपी पुलिस कस्टडी से फरार हो रहा था तो उसे पकड़ने के लिए जवान पीछे-पीछे दौड़ रहे थे। इस बीच एक युवक ने बंदी को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने युवक को झाड़ियों में धक्का दे दिया और फरार हो गया। जवानों ने बंदी को पुरानी तहसील तक पीछा कर पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।

पूर्व की घटनाओं से नहीं लिया सबक
सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान बंदी फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो बार सिविल अस्पताल से सुरक्षा कवच तोड़कर दो कैदी फरार हो चुके हैं। एक कैदी तो अस्पताल की छत पर लेटा मिला था। पूर्व में इस तरह की घटना होने के बाद भी जेल प्रशासन की ओर से कोई सबक नहीं लिया गया। जिसका नजीता यह रहा कि शुक्रवार को एक बार फिर पुलिस सुरक्षा को धता बताते हुए बंदी फरार हो गया।

समय रहते नहीं दी सूचना
जिस समय सिविल अस्पताल से बंदी फरार हुआ, उस समय ड्यूटी पर तैनात जेल के दो जवानों व पीआरडी जवानों ने कोई मुस्तैदी नहीं दिखाई। जवानों ने अस्पताल पुलिस चौकी तक पर बंदी के फरार होने की सूचना तक नहीं दी। इतना ही नहीं सवा दो बजे की घटना होने के बाद भी जवानों ने तीन बजे के करीब अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। अगर समय रहते पुलिस को सूचना मिल जाती तो आरोपी पकड़ में आ सकता था। 

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