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एहतियात से भी स्तन कैंसर से बचाव संभव : डॉ. नेहा
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देहरादून। महिलाओं को स्तन कैंसर की जांच कराने या अन्य गंभीर बीमारी के इलाज के अब राजधानी के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। राजकीय दून अस्पताल में बृहस्पतिवार से स्तन कैंसर ओपीडी की शुरुआत कर दी गई है। दो दिन पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक ने स्तन कैंसर के ओपीडी का उद्घाटन किया था। डॉ. नेहा महाजन ने बृहस्पतिवार को ओपीडी में 10 महिलाओं की जांच की और तीन महिलाओं की मैमोग्राफी भी करवाई।
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा महाजन के मुताबिक महिलाओं में स्तन कैंसर की समस्या अनुवांशिक होने के साथ ही समय से पहले पहला मासिक धर्म शुरू होना और देर से रजोनिवृत्ति होना आदि प्रमुख कारण हैं। गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक इस्तेमाल व हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी स्तन कैंसर के कारण हैं। स्तन कैंसर में स्तन के आकार में बदलाव के साथ त्वचा का रंग लाल होना, स्तन के आसपास लगातार दर्द रहना, दाने निकल आना और स्तन से तरल पदार्थ निकलना प्रमुख लक्षण हैं। महिलाएं स्वयं स्तन कैंसर की जांच कर सकती हैं। यदि स्तन में दर्द होने के साथ ही अन्य कोई लक्षण दिखाई दे तो तत्काल मैमोग्राफी कराने के साथ ही इलाज कराना चाहिए। शुरुआती दौर में जांच कराने व इलाज कराने से बीमारी ठीक हो सकती है। साथ ही महिलाओं को धूम्रपान व शराब के सेवन से बचना चाहिए। खानपान में हरी सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा महाजन के मुताबिक महिलाओं में स्तन कैंसर की समस्या अनुवांशिक होने के साथ ही समय से पहले पहला मासिक धर्म शुरू होना और देर से रजोनिवृत्ति होना आदि प्रमुख कारण हैं। गर्भनिरोधक गोलियों के अधिक इस्तेमाल व हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी भी स्तन कैंसर के कारण हैं। स्तन कैंसर में स्तन के आकार में बदलाव के साथ त्वचा का रंग लाल होना, स्तन के आसपास लगातार दर्द रहना, दाने निकल आना और स्तन से तरल पदार्थ निकलना प्रमुख लक्षण हैं। महिलाएं स्वयं स्तन कैंसर की जांच कर सकती हैं। यदि स्तन में दर्द होने के साथ ही अन्य कोई लक्षण दिखाई दे तो तत्काल मैमोग्राफी कराने के साथ ही इलाज कराना चाहिए। शुरुआती दौर में जांच कराने व इलाज कराने से बीमारी ठीक हो सकती है। साथ ही महिलाओं को धूम्रपान व शराब के सेवन से बचना चाहिए। खानपान में हरी सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
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