केदारनाथः कपाट खुलते वक्त राष्ट्रपति नहीं आएंगे
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राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी केदारनाथ के कपाट खुलने के समय मौजूद नहीं रहेंगे। उत्तराखंड सरकार की ओर पहले कहा गया था कि 24 अप्रैल को केदारनाथ के कपाट खुलने की तिथि पर राष्ट्रपति धाम में उपस्थित रहेंगे।
राज्य सरकार ने राष्ट्रपति के उत्तराखंड दौरे के निमित्त 23 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाने की बात कही थी। राष्ट्रपति का दौरा टलने की पुष्टि मुख्य सचिव ने की है लेकिन संसदीय कार्य मंत्री इंदिरा हृदयेश को इसकी जानकारी नहीं है। राष्ट्रपति का दौरा टलने से प्रदेश को झटका लगा है।
बताया जा रहा है कि मौसम के पल-पल बदलते मिजाज को देखते हुए राष्ट्रपति का दौरा स्थगित किया गया है। अब राष्ट्रपति 18 मई को उत्तराखंड आएंगे। मुख्य सचिव एन रविशंकर के मुताबिक राष्ट्रपति दौरे के लिए 18 और 19 मई को राष्ट्रपति भवन से नई तिथि दी गई है।
वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश को नहीं हो रहा विश्वास
उधर, राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे के टलने पर वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश विश्वास करने को तैयार नहीं हैं। वित्त मंत्री के मुताबिक उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन ने अभी कार्यक्रम भी नहीं भेजा है।
ऐसे में कार्यक्रम स्थगित होने जैसा सवाल कहां से उठता है। दौरे की तिथि न मिलने के कारण ही प्रदेश सरकार ने अभी विशेष सत्र आहूत नहीं किया है।
चारधाम यात्रा के आयोजक भी निराश
राष्ट्रपति के विशेष दौरे पर चार धाम यात्रा से लेकर राज्य आंदोलनकारियों तक की निगाह थी। उन्हें दौरा टलने से मायूसी का सामना करना पड़ेगा। चार धाम यात्रा के आयोजक मान रहे थे कि कपाटोद्घाटन के समय राष्ट्रपति की मौजूदगी लोगों के बीच सुरक्षित यात्रा का संदेश जाएगा।
साथ ही यात्रा के ब्रांड प्रमोशन में भी सरकार को मदद मिलेगी। खासकर तब जब अमिताभ बच्चन और अन्य स्टार प्रमोटर इस काम से किनारा करते हुए दिख रहे हों। ऐसे में राष्ट्रपति के नहीं आने से उन्हें निराशा होगी।
उधर, राज्य आंदोलनकारी भी निराश होंगे। राष्ट्रपति जिस सत्र में सदन को संबोधित करेंगे, उसी में पूरा एक दिन राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं को लेकर भी बातचीत होनी है।