18 साल बाद गुलजार हुआ दून में राष्ट्रपति का 'आशियाना'
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राष्ट्रपति का आवास आशियाना (राजपुर रोड स्थित द प्रेजिडेंट बॉडीगार्ड एस्टेट) 18 साल बाद गुलजार होने जा रहा है। 1998 में केआर नारायण के बाद किसी राष्ट्रपति के न आने से वर्षों से आशियाना सुनसान था। हर तरफ लंबी झाड़ियां होने के साथ आवासीय इलाका भी जर्जर था। वक्त बदला और पुलिस-प्रशासन ने दिन रात एक कर आशियाना की खूबसूरती को निखार दिया।
राष्ट्रपति का देहरादून में राजपुर रोड पर यह आशियाना ब्रिटिश काल से है। शिमला में भी ऐसा ही खूबसूरत आशियाना है। वैसे देहरादून का यह आशियाना प्रेजिडेंट बॉडीगार्ड के नाम से जाना जाता है। जो करीब 170 एकड़ भूमि में बना है। आवासीय हिस्से को आशियाना का नाम दिया गया है।
आवास में आठ कमरों के साथ सुरक्षा कर्मियों के रहने के लिए दो बैरक स्थापित हैं। घोड़ों लिए अलग से एक अस्तबल है। लीची और आम के बाग के साथ कई तरह की बागवानी भी है।
हर किसी की जुबान पर छाया है आशियाना
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह भी आशियाना से होकर गए थे। इसके बाद 1998 में राष्ट्रपति के आर नारायण ने प्रवास किया था। 18 साल से राष्ट्रपति के न आने के कारण आशियाना बदसूरती में तब्दील हो गया था।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यक्रम बना तो आशियाना के दिन बहुर गए। कल तक आशियाना के बारे में कम लोग ही जानते थे, लेकिन आज हर किसी की जुबां पर है। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने पूरी ताकत झोंककर आशियाने की काया पलट कर दी।
आशियाना को नया लुक देने के लिए राष्ट्रपति भवन से आर्किटेक्ट आया था। फर्नीचर से लेकर तमाम साज सज्जा का सामान राष्ट्रपति भवन से ही दून के आशियाना में लाया गया है।