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Dehradun News: ध्याटुड़ियों ने शिलगुर महाराज को भेंट किया चार किलो के चांदी का ढोल
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मसराड गांव की ध्याटुड़ियों (बेटियों) ने सिली गोथान स्थित शिलगुर महाराज के मंदिर में चांदी का ढोल भेंट किया। देवता से परिवार की सुख-शांति की कामना की। गांव की ध्याटुड़ियां रविवार को पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंची थी। उन्होंने लोकगीतों पर नृत्य भी किया। उसके बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
मसराड गांव की ध्याटुड़ियों ने एक साल पहले शिलगुर देवता को चांदी का ढोल चढ़ाने का निर्णय लिया था। इसको गांव की 150 विवाहित एवं अविवाहित ध्याटुड़ियों ने पूरा किया। चार किलो वजन के चांदी के ढोल को पहले सुबह हरिपुर स्थित यमुना नदी में विधि-विधान से स्नान करवाया गया। उसके बाद ढोल को गांव ले आए और पूजा अर्चना के बाद देवता को समर्पित किया गया।
गांव की सामो देवी, रूपो देवी, बरो देवी, मीमो देवी, अनारी देवी, प्रभा देवी, खिलो देवी और चमो देवी आदि ने कहा कि चांदी के ढोल के लिए छोटी ध्याटुड़ियों से 500 रुपये, बड़ी ध्याटुड़ियों से एक हजार और विवाहित ध्याटुड़ियों से दो हजार रुपये एकत्र किया गया था। इसी पैसे से चांदी के ढोल और भंडारे की व्यवस्था की गई। इस दौरान देव पुजारी गजेंद्र सिंह, कंपाल सिंह, बजीर यशपाल सिंह चौहान, भंडारी गंभीर सिंह, जयपाल सिंह, गांव स्याणा श्याम सिंह चौहान, कांति दास, विरेंद्र सिंह चौहान, प्रीतम सिंह चौहान, सुनील सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
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मसराड गांव की ध्याटुड़ियों ने एक साल पहले शिलगुर देवता को चांदी का ढोल चढ़ाने का निर्णय लिया था। इसको गांव की 150 विवाहित एवं अविवाहित ध्याटुड़ियों ने पूरा किया। चार किलो वजन के चांदी के ढोल को पहले सुबह हरिपुर स्थित यमुना नदी में विधि-विधान से स्नान करवाया गया। उसके बाद ढोल को गांव ले आए और पूजा अर्चना के बाद देवता को समर्पित किया गया।
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गांव की सामो देवी, रूपो देवी, बरो देवी, मीमो देवी, अनारी देवी, प्रभा देवी, खिलो देवी और चमो देवी आदि ने कहा कि चांदी के ढोल के लिए छोटी ध्याटुड़ियों से 500 रुपये, बड़ी ध्याटुड़ियों से एक हजार और विवाहित ध्याटुड़ियों से दो हजार रुपये एकत्र किया गया था। इसी पैसे से चांदी के ढोल और भंडारे की व्यवस्था की गई। इस दौरान देव पुजारी गजेंद्र सिंह, कंपाल सिंह, बजीर यशपाल सिंह चौहान, भंडारी गंभीर सिंह, जयपाल सिंह, गांव स्याणा श्याम सिंह चौहान, कांति दास, विरेंद्र सिंह चौहान, प्रीतम सिंह चौहान, सुनील सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।
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