फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Preparation to start mobile ECHS in mountain Two lakh ex-servicemen will get benefit of facility Uttarakhand

Uttarakhand: पहाड़ में मोबाइल ईसीएचएस शुरू करने की तैयारी, प्रदेश के दो लाख पूर्व सैनिकों को मिलेगा फायदा

Wed, 05 Jul 2023 10:58 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 05 Jul 2023 10:58 AM IST
सार

सैन्य बहुल प्रदेश में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए देहरादून सहित विभिन्न जिलों में ईसीएचएस केंद्र बने हैं। लेकिन, कुछ केंद्र दूरदराज के क्षेत्रों में होने से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।अब उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मोबाइल ईसीएचएस को शुरू किया जाएगा।

विज्ञापन
Preparation to start mobile ECHS in mountain Two lakh ex-servicemen will get benefit of facility Uttarakhand
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के लगभग दो लाख पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को घर के नजदीक मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा देने की तैयारी है। इसके लिए पहाड़ में मोबाइल ईसीएचएस (एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम) को शुरू किया जा सकता है।सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अमृत लाल के मुताबिक, केंद्रीय सैनिक बोर्ड दिल्ली की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन


पहाड़ में इस सुविधा से अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे जिलों से पलायन रुकेगा। सैन्य बहुल प्रदेश में पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए देहरादून सहित विभिन्न जिलों में ईसीएचएस केंद्र बने हैं। लेकिन, कुछ केंद्र दूरदराज के क्षेत्रों में होने से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन


खासकर वे पूर्व सैनिक, केंद्र तक नहीं पहुंच पाते, जिनकी उम्र 80 साल या फिर इससे अधिक है। सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ने कहा, केंद्रीय सैनिक बोर्ड की इस साल अप्रैल में नई दिल्ली में हुई बैठक में सैनिक कल्याण विभाग की ओर से इस मसले को उठाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड पर्वतीय राज्य है। जिसकी भौगोलिक स्थिति अलग है। ईसीएचएस के लिए मानक एक समान होने से भी पहाड़ में दिक्कत पेश आ रही हैं। कहा, केंद्रीय सैनिक बोर्ड की ओर से बैठक के बाद उसका कार्यवृत्त जारी किया गया है। इसमें कहा गया कि उत्तराखंड में पूर्व सैनिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए मोबाइल ईसीएचएस को शुरू किया जाएगा।

ईसीएचएस देहरादून में है दबाव

सेना मुख्यालय की ओर से ईसीएचएस के लिए देशभर में समान मानक तय किए गए हैं। सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर अमृत लाल के मुताबिक, कम से कम 7,500 पूर्व सैनिकों की आबादी पर एक ईसीएचएस स्थापित किया जा सकता है, जबकि देहरादून जिले में 36,500 पूर्व सैनिक हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में उनके आश्रित हैं।

ये है योजना

योजना के तहत भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों के सेवानिवृत्त होते समय अंशदान के रूप में कुछ फीस जमा कराई जाती है। इसके बाद उनका ईसीएचएस कार्ड बनता है। जिस पर उनको और उनके आश्रितों को जीवनभर मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा मिलती है। ईसीएचएस के पैनल के निजी अस्पतालों में भी उन्हें स्वास्थ्य सुविधा दी जाती है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: डेंगू संभावित प्रदेश के पांच जिलों में चलेगा विशेष अभियान, 13 विभाग मिलकर करेंगे मॉनिटरिंग

मैदान में 40 से 45 किमी की दूरी कुछ देर में तय की जा सकती है, जबकि पहाड़ में इसके लिए घंटों लगते हैं। इसके अलावा पहाड़ में ट्रांसपोर्ट की भी समस्या है। पूर्व सैनिकों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिले, इसके लिए केंद्रीय सैनिक बोर्ड की बैठक में राज्य के पूर्व सैनिकों की इस समस्या को उठाया गया है। -ब्रिगेडियर अमृत लाल, निदेशक सैनिक कल्याण

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed