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दून से नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित करने की तैयारी
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देहरादून। नई दिल्ली से वाराणसी की तर्ज पर देहरादून से नई दिल्ली के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित किए जाने की तैयारी है। रेलवे सूत्रों की माने तो प्रस्तावित वंदे भारत एक्सप्रेस अत्याधुनिक विस्टाडोम कोच से लैस होगी। जिसमें यात्रियों के लिए तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं होगी। देहरादून से नई दिल्ली के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस संचालि किए जाने की मांग उठाए जाने के बाद रेलवे बोर्ड व उत्तर रेलवे की ओर से मंडल मुख्यालय से वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित किए जाने को लेकर फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। मंडल मुख्यालय के स्तर पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है। हालांकि वंदे भारत एक्सप्रेस को संचालिए किए जाने को लेकर आला विभागीय अधिकारियों का यह मानना है कि जब देहरादून- नईदिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है जो वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के संचालन का कोई औचित्य नही है।
बता दें कि फिलहाल नई दिल्ली से वाराणसी के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस संचालित की जा रही है। लेकिन अब इसे देहरादून से नई दिल्ली के बीच संचालित किए जाने की तैयारी है। फिलहाल रेलवे बोर्ड ने मंडल मुख्यालय से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। जिसे तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया गया है। अब यह रेलवे र्बोर्ड को तय करना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित की जाय या नहीं?
देहरादून-नई दिल्ली शताब्दी में भी विस्टाडोम कोच लगाने की तैयारी
रेलवे सूत्रों ने देहरादून नईदिल्ली के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस संचालित करने के साथ् ही देहरादून नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाने की तैयारी है। इस संबंध में भी मंडल मुख्यालय के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। यदि नई दिल्ली शताब्दी में विस्टाडोम कोच लगाए जाते हैं तो ना सिर्फ नई दिल्ली से देहरादून का सफर सुहाना होगा वरन यात्रियों को तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेगी। रेलवे अधिकारियों की मानें तो विस्टाडोम कोच पारदर्शी कोच होता है। यह आधुनिक तकनीक वाला कोच है। कोच में बैठकर यात्री आकाश व दोनों ओर आसानी से बाहर का नजारा देख सकते हैं।
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इतना ही नहीं यदि देहरादून-नई दिल्ली शताब्ती एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाया जाता है तो ट्रेन में सफर करने वाले यात्री राजाजी टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरते हुए जंगलों में विचरण कर रहे वन्यजीवों को ना सिर्फ दीदार कर सकेंगे। वरन टाइगर रिजर्व का अद्भुत नजारा देख सकेंगे। हालांकि इस मजेदार सफर के लिए यात्रियों को थोड़ा ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। क्योंकि विस्टाडोम कोच का किराया एसी कोच से थोड़ा अधिक होता है। बता दें कि फिलहाल देश के विभिन्न इलाकों में संचालित आठ चुनिंदा ट्रेनों के कोच में विस्टाडोम कोच लगाए गए हैं।
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बता दें कि फिलहाल नई दिल्ली से वाराणसी के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस संचालित की जा रही है। लेकिन अब इसे देहरादून से नई दिल्ली के बीच संचालित किए जाने की तैयारी है। फिलहाल रेलवे बोर्ड ने मंडल मुख्यालय से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे की ओर से फिजिबिलिटी रिपोर्ट मांगी है। जिसे तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया गया है। अब यह रेलवे र्बोर्ड को तय करना है कि वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित की जाय या नहीं?
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देहरादून-नई दिल्ली शताब्दी में भी विस्टाडोम कोच लगाने की तैयारी
रेलवे सूत्रों ने देहरादून नईदिल्ली के बीच वंदेभारत एक्सप्रेस संचालित करने के साथ् ही देहरादून नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाने की तैयारी है। इस संबंध में भी मंडल मुख्यालय के अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा गया है। यदि नई दिल्ली शताब्दी में विस्टाडोम कोच लगाए जाते हैं तो ना सिर्फ नई दिल्ली से देहरादून का सफर सुहाना होगा वरन यात्रियों को तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेगी। रेलवे अधिकारियों की मानें तो विस्टाडोम कोच पारदर्शी कोच होता है। यह आधुनिक तकनीक वाला कोच है। कोच में बैठकर यात्री आकाश व दोनों ओर आसानी से बाहर का नजारा देख सकते हैं।
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इतना ही नहीं यदि देहरादून-नई दिल्ली शताब्ती एक्सप्रेस में विस्टाडोम कोच लगाया जाता है तो ट्रेन में सफर करने वाले यात्री राजाजी टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरते हुए जंगलों में विचरण कर रहे वन्यजीवों को ना सिर्फ दीदार कर सकेंगे। वरन टाइगर रिजर्व का अद्भुत नजारा देख सकेंगे। हालांकि इस मजेदार सफर के लिए यात्रियों को थोड़ा ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। क्योंकि विस्टाडोम कोच का किराया एसी कोच से थोड़ा अधिक होता है। बता दें कि फिलहाल देश के विभिन्न इलाकों में संचालित आठ चुनिंदा ट्रेनों के कोच में विस्टाडोम कोच लगाए गए हैं।