सरकारी स्कूलों में खत्म होगा प्रधानाचार्यों का सूखा
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े प्रधानाचार्यों के 799 पद जनवरी में भरे जाएंगे। जबकि स्कूलों में प्रयोगशाला सहायक और कार्यालय सहायकों की भर्ती उपनल के माध्यम से की जाएगी।
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने विधानसभा में विभागीय समीक्षा बैठक की। शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्यों की नियमावली शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। कहा कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में प्रदेश के प्रधानाचार्य विहीन विद्यालयों में प्रधानाचार्य भेजे जाएंगे।
मंत्री ने शिक्षकों के स्थानांतरण मामलों में बीमारी, पुत्र-पुत्री की बीमारी, विकलांगता, दुर्घटना में घायल, विधवा, तलाकशुदा एवं संवर्ग परिवर्तन आदि के अनुसार श्रेणीवार सूची बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिक्तियां भी निकाली जाएं। उन्होंने विद्यालयों में योगा और व्यायाम का प्रशिक्षण देने के लिए बजट में व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
स्कूलों में पेयजल सुविधा जुटाने के निर्देश
कहा कि प्रदेश के जिन विद्यालयों में पेयजल की सुविधा नहीं हैं वहां तुरंत पेयजल मुहैया कराया जाए। इसके लिए विभाग के पास आठ करोड़ रुपये उपलब्ध हैं। कहा सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ें। माध्यमिक विद्यालयों के छात्रों को स्किल डेवलपमेंट से जोड़ें। बैठक में अपर मुख्य सचिव शिक्षा एस राजू, सचिव शिक्षा एमसी जोशी, महानिदेशक शिक्षा डी.सेंथिल पांडियन आदि मौजूद थे।
अभिभावकों को शिकायत का मिलेगा मंच
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को भी शिकायत और सुझाव के लिए मंच मिलेगा। शिक्षा मंत्री ने दिसंबर तक पूरे प्रदेश का डेटा बेस तैयार करने के निर्देश दिए। कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों के अभिभावकों की सहभागिता होनी चाहिए। डेटा बेस के आधार पर मिड डे मील की स्थिति का भी पता चल सकेगा।