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तानाशाही के मामले में इंदिरा गांधी को फॉलो कर रहे हैं पार्टियां और नेता: सागरिका घोष

Sat, 18 Nov 2017 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 18 Nov 2017 12:50 AM IST
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 political parties and leaders follow Indira Gandhi for dictatorship

राजनीतिक दल और राजनेता तानाशाही के मामले में इंदिरा गांधी को रोल मॉडल मानकर काम कर रहे हैं। राजनेता चाहते हैं कि  उनके लिए केवल अच्छा ही लिखा जाए। प्रसिद्ध लेखिका और पत्रकार सागरिका घोष ने शुक्रवार को लिट फेस्ट के दौरान इंदिरा पर लिखी अपनी पुस्तक के हवाले से आज के राजनेताओं पर टिप्पणी की।

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उन्होंने कहा कि जहां नेताओं से सवाल पूछे जाते हैं या काम पर सवाल उठाए जाते हैं, वहां उनका एकदम अलग चेहरा सामने आता है। सागरिका घोष ने राजनीतिक दलों और राजनेताओं से प्रेस की स्वतंत्रता का सम्मान करने का आह्वान किया है।
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उन्होंने कहा कि नेताओं को यह समझना होगा कि प्रेस भी उसी लोकतंत्र का एक स्तंभ है, जिसका हिस्सा व्यवस्थापिका और कार्यपालिका है। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी को लेकर अलग-अलग लोगों के विचार भिन्न हैं, लेकिन एक प्रशासक के रूप में सब उनकी खूबियों की कद्र करते हैं।

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उन्होंने इंदिरा गांधी पर लिखी अपनी पुस्तक ‘इंदिरा : इंडियाज मोस्ट पावरफुल प्राइम मिनिस्टर’ के हवाले से कहा कि उनका व्यक्तित्व कई आयामों को समेटे हुए था। असुरक्षा के कारण उनमें तानाशाही का भाव बहुत अधिक बढ़ गया।

इसी तानाशाही के कारण उन्होंने देश को इमरजेंसी में धकेल दिया। तब पत्रकारों और उनके खिलाफ बोलने वालों को जेल भेज दिया गया। आज सभी नेता तानाशाही के मामले में इंदिरा गांधी को फॉलो कर रहे हैं।  

उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी जब सत्ता में आने को प्रयासरत थीं, तब उनकी अच्छी दोस्ती थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद एक बार ममता उनके शो में आईं, जहां उन्होंने सवाल पूछे। इस पर ममता नाराज होकर शो छोड़कर चली गईं।

उन्होंने कहा कि तुम मेरी दोस्त हो, तुम्हें सवाल नहीं पूछना चाहिए। इस पर मैंने कहा कि मैं एक्टीविस्ट, सोशलिस्ट, कम्युनिस्ट नहीं मैं जर्नलिस्ट हूं। मेरा काम सवाल पूछना है, जो मैं पूछती रहूंगी।
 

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