लुटेरों के लिए मनहूस निकली लूट की कार
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देहरादून से बुक कराकर लूटी गई कार समेत एक लुटेरे को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि उसके तीन साथी फरार हैं।
चार बदमाश मसूरी घूमने आए थे और वापसी में देहरादून से कार बुक कराई थी। बदमाशों ने पहले चालक को शराब पिलाई और फिर हाथ-पैर बांधकर उसे सड़क पर फेंक दिया था।
लुटेरों को लूट की यह कार रास नहीं आई। कार लूटने के कुछ दिन बाद मोनू चौथी मंजिल से गिर गया था। पेट में सरिया घुसने के कारण वह मरते-मरते बचा।
जबकि, एक हादसे में घायल हुआ कासिम चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार करा रहा है। पूछताछ में यह जानकारी मोनू ने पुलिस को दी।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन के लिए बुक कराई थी कार
रायपुर निवासी धर्मपाल सैनी की इंडिगो कार 15 मई को हरिद्वार रेलवे स्टेशन के लिए बुक की गई थी। चार लोग दून रेलवे स्टेशन के बाहर इसमें सवार हुए थे।
ड्राइवर धर्मपाल सैनी को शराब पिलाने के बाद उसे हरिद्वार के श्यामपुर थाना क्षेत्र में हाइवे पर बंधक बनाकर फेंक दिया गया। बाद में किसी तरह चालक बंधकमुक्त हुआ और श्यामपुर में मुकदमा दर्ज कराया था।
यह मुकदमा दून कोतवाली स्थानांतरित किया गया था। एसएसपी अजय रौतेला ने मंगलवार को लूट का खुलासा करते हुए बताया कि मोनू कुमार निवासी पीतलनगर थाना कटघर मुरादाबाद को लूटी गई कार समेत पकड़ लिया गया है।
मोनू के साथी शालू, कासिम और पहलवान फरार हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को ढाई हजार और डीआईजी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।
कौन है पहलवान...
लूट में शामिल रहे मोनू कुमार, शालू और कासिम तो मुरादाबाद जिले के रहने वाले हैं, लेकिन चौथा आरोपी पहलवान कौन हैं, इसका पता नहीं लग सका है।
मोनू भी उसके बारे में नहीं जानता है। कासिम ही उसे अपने साथ लाया था।
दून में घूम रहा था मोनू
पुलिस का दावा है कि मोनू लूट की कार की नंबर प्लेट हटाकर देहरादून में घूम रहा था। मुखबिर से संदिग्ध सफेद कार के बारे में सूचना मिली तो बन्नू चौक पर चेकिंग के दौरान उसे दबोच लिया गया।
इंजन और चेसिस नंबर से कार की पहचान की गई।
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ताजा कार लूट के मामले में भी वही लापरवाही सामने आई जो ऐसी हर वारदात की वजह होती है।
इस बार भी कार बुक करते समय यात्रियों से आईडी प्रूफ या किसी परिचित की गारंटी नहीं ली गई थी। इसी का फायदा उठाकर बदमाश कार लूटने में कामयाब रहे।
पुलिस का कहना है कि इस नियम का पालन ही ऐसी घटनाओं को रोक सकता है।