देहरादूनः पुलिस ने रोका आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सीएम आवास कूच, लगा लंबा जाम
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18 हजार रुपये मानदेय करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सीएम आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। धक्का-मुक्की और नोक-झोंक के बाद प्रदर्शनकारी वहीं पर धरने पर बैठ गईं। बाद में उनका एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बातचीत के लिए पहुंचा।
शनिवार को प्रदेशभर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचीं और सरकार पर मांगों को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में उन्होंने सीएम आवास कूच करने के लिए जुलूस निकाला। हाथीबड़कला के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में काफी देर तक धक्का-मुक्की हुई। बाद में प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश रेखा नेगी ने कहा कि वह लंबे समय से मानदेय 18 रुपये प्रति माह करने, पदोन्नति देने, समान कार्य के लिए वेतन देने, मिनी केंद्रों काउच्चीकरण करने, दीपावली बोनस देने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा सरकार की ओर से दिए गए मोबाइल फोन में किसी भी तरह की खराबी आने पर जिम्मेदारी कर्मचारियों पर न थोपने की मांग हो रही है।
शाम को मुख्यमंत्री के ओएसडी मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताआें को समझाने का प्रयास किया लेकिन प्रदर्शनकारी सीएम से मुलाकात कराने की बात पर अड़ गए। देर शाम रेखा नेगी, मीनाक्षी रावत, सोनी और अबला चौहान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात के लिए पहुंचीं और अपनी मांगें उनके सामने रखीं।

मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर मुख्यमंत्री आवास के समीप हाथीबड़कला में धरना प्रदर्शन

मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच कर रही आंगनबाडी कार्यकत्री/सेविका/मिनी कर्मचारी

मानदेय बढ़ोत्तरी को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच करती आंगनबाडी कार्यकत्री/सेविका/मिनी कर्मचारी
सुरक्षा का भरोसा, कार्रवाई से भी अवगत कराया
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे और महिलाओं की सुरक्षा का संकल्प दोहराया। कहा, पुलिस उन्हें सरकारी वाहन से घर छोड़कर आएगी। लेकिन, बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई निश्चित रूप से की जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विभिन्न मांगों के लिए परेड ग्राउंड में धरना दिया था। पुलिस-प्रशासन ने उन्हें जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी। बावजूद इसके प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार शाम को पुलिस बैरियर पार कर मुख्यमंत्री आवास कूच करने का प्रयास किया।
एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में पुलिस टीम ने बैरियर लगाकर महिलाओं को हाथी बड़कला चौकी के पास रोक दिया। इसी दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए यातायात जाम कर दिया। कुछ देर बाद एसएसपी अरुण मोहन जोशी प्रदर्शनकारी महिलाआें के बीच पहुंचे। बातचीत के दौरान कुछ महिलाएं अकेले जाते दिखाई दी तो उन्होंने महिला सुरक्षा को पुलिस की प्राथमिकता में बताया।
एसएसपी ने कहा, महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए प्रदर्शन में शामिल कोई भी हिला अकेली घर नहीं जाएगी। जिन महिलाओं को जाना है वह पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। सरकारी वाहन से उन्हें घर छोड़ा जाएगा। उन्हाेंने पुलिस अधीक्षक नगर चौबे और अन्य अधिकारियों को इन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि यह पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालने पर निश्चित रूप से वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देशित कर दिया है।