फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Police reached the farm after climbing a four km hill

Dehradun News: चार किमी की पहाड़ी चढ़ खेत तक पहुंची पुलिस

Sun, 18 May 2025 01:49 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Updated Sun, 18 May 2025 01:49 AM IST
विज्ञापन
Police reached the farm after climbing a four km hill

विज्ञापन
देहरादून के सीमांत क्षेत्र त्यूणी में करीब 18 वर्ष बाद अफीम की खेती का मामला फिर से उजागर हुआ है। ग्राम प्रहरी ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी भी पुलिस टीम के साथ दुर्गम रास्ते पर चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ खेतों तक पहुंचे।



उत्तरकाशी जिले का मोरी ब्लॉक क्षेत्र अफीम की फसल के लिए कुख्यात है। खासकर बंगाण क्षेत्र में अब भी चोरी छिपे बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है। यहां पुलिस कार्रवाई भी लगातार जारी रहती है। बंगाण क्षेत्र देहरादून क्षेत्र के त्यूणी से लगा है। ऐसे सीमांत क्षेत्र से प्रभावित होकर कम समय में अधिक रुपये कमाने के चक्कर में यहां दुर्गम क्षेत्रों में चोरी छिपे अफीम की खेती की जा रही है।
विज्ञापन


लेकिन, जौनसार बावर में पुलिस के पास मुखबिर तंत्र नहीं है। यहां पंचायतों के माध्यम से अधिकतर मामलों को आपसी सहमति और अर्थदंड से निपटा दिया जाता है। पंचायत के निर्णय का विरोध नहीं होता है। सूचना न मिलने से पुलिस को घटना की खबर नहीं लग पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन




यही कारण है कि अफीम की खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी, अपराध संबंधी मामले थानों और चौकियों तक नहीं पहुंच पाते हैं। अगर, पहुंचते भी हैं तो मुकदमा दर्ज होने से पहले समझौता हो जाता है। यहां थानों में पूरे साल में मुकदमों की संख्या 20 से 25 ही रहती है।

इस बार ग्राम प्रहरी ने पुलिस को अफीम की खेती की सूचना देने की हिम्मत जुटाई। थाना प्रभारी विनय मित्तल भी टीम के साथ दुर्गम क्षेत्र के गांव में पहुंचे। पुलिस ने अफीम की खेती को नष्ट किया। हालांकि, मौके पर मौजूद होने के बाद भी राजस्व निरीक्षक ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने में तीन घंटे का समय लिया।



इससे पहले वर्ष 2007-2008 के मध्य में राजस्व विभाग ने त्यूणी क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट करने साथ कानूनी कार्रवाई भी की थी। थाना प्रभारी ने बताया कि ग्राम प्रहरियों को लगातार क्षेत्र में होने वाली आपराधिक, नशा तस्करी, विवाद और अफीम की खेती देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। संवाद


---



हवाई सर्वे से हो सकती है प्रभावी कार्रवाई

वर्ष 1987 में आईपीएस किरण बेदी ने मोरी क्षेत्र का हवाई सर्वे किया था। त्यूणी में दो दिवसीय कैंप लगाकर लोगों को इससे होने वाले नुकसान की जानकारी देकर जागरूक किया गया था। इसके साथ ही क्षेत्र में छापामारी कर बावल, शिलगांव, कांडोई भरम, देवधार व बाणाधार क्षेत्र में अफीम की खेती करने वाले 110 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। वहीं, वर्ष 2024 में नारकोटिक्स विभाग की टीम ने सीमांत क्षेत्र बंगाण क्षेत्र में अफीम की खेती नष्ट करवाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की थी। मौजूदा समय में ड्रोन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में क्षेत्र का हवाई सर्वे कर अफीम की खेती पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed