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घोड़े पर हमले की जांच शुरू, विधायक को गिरफ्तार नहीं कर पाएगी पुलिस

Wed, 16 Mar 2016 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 16 Mar 2016 08:21 PM IST
सार

  • विवेचनाधिकारी ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
  • मामले में भाजपा विधायक गणेश जोशी और उनके समर्थक नामजद।
  • जिप्सी तोड़ने के मामले की जांच भी उप निरीक्षक को।

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घोड़े पर हमला करने को बढ़ते भाजपा विधायक गणेश जोशी - फोटो : amar ujala

विस्तार

भाजपा विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के घोडे़ पर हमले की जांच सीओ डालनवाला के सुपुर्द की गई है। विवेचनाधिकारी सीओ ने बयान दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसएसपी ने बुधवार शाम को नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचकर दर्ज हुए दोनों मुकदमों की विवेचना की समीक्षा की।

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विधानसभा घेराव प्रकरण में पुलिस की ओर से नेहरू कॉलोनी थाना में दो केस दर्ज कराए गए हैं। शक्तिमान पर हमला कर पैर तोड़ने के मामले में मसूरी क्षेत्र के भाजपा विधायक गणेश जोशी और उनके समर्थक नामजद किए गए हैं। जबकि दूसरा मामला विकासनगर के तहसीलदार की जिप्सी में तोड़फोड़ का है।
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विधायक से जुड़ा मामला होने के कारण शक्तिमान पर हमले की जांच सीओ डालनवाला अरुण कुमार पांडेय को सौंपी गई है। सीओ ने विवेचना साक्ष्यों का संकलन शुरू कर दिया है।

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जानिए, आरोपियों को क्यों गिरफ्तारी नहीं कर पाएगी पुलिस?

police horse beaten up case, inquiry start by CO.
ऐसे घायल हुआ घोड़ा - फोटो : AnilDogra/AmarUjala

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा सदानंद दाते भी शाम को नेहरू कॉलोनी थाने पहुंच गए, जहां पर उन्होंने विवेचनाधिकारी के साथ कुछ देर मंत्रणा भी की। उधर तहसीलदार की जिप्सी तोड़ने के मामले की जांच उप निरीक्षक द्वारा ही की जाएगी। 

सात साल की सजा
शक्तिमान पर हमले को लेकर भले ही सियासत चरम पर हो, लेकिन आरोपी भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस सीधी कार्रवाई नहीं कर पाएगी। मुकदमों में लगाई गई धाराएं सात साल की सजा वाली हैं। ऐसे में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दे सकती हैं। शक्तिमान पर हमले और तहसीलदार की जिप्सी तोड़फोड़ के दो अभियोग दर्ज किए गए है। कानून के जानकारों का कहना है कि पुलिस के साक्ष्य संकलन पर सब निर्भर करेगा।

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