हरिद्वार: पुलिस के जवान ने लगाई फांसी, बेल्ट के फंदे पर झूलता मिला शव
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रोशनाबाद की जजेज कालोनी में एक कांस्टेबल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या की वजह सामने नहीं आ सकी है। घटनास्थल से कोई सुसाईड नोट भी नहीं मिला है। मृतक कांस्टेबल मूल रूप से पिथौरागढ़ का रहने वाला था। पुलिस ने शव को मोरचरी में रखवा दिया है। सिपाही की आत्महत्या से विभगीय अधिकारी सन्न हैं।
कोतवाली रानीपुर में तैनात जगदीश बिष्ट (22) बृहस्पतिवार रात गश्त कर सुबह जजेज कालोनी में अपने आवास पर पहुंचा था। दोपहर में जगदीश बिष्ट ने अपने सहकर्मी अनूप के साथ खाना खाया था।
फिर वह दूसरे कमरे में सोने की बात कहकर चला गया। शाम करीब साढ़े छह बजे सोकर उठे अनूप सिंह ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई।
उसने जगदीश से मोबाइल फोन परभी संपर्क साधना चाहा लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। कांस्टेबल ने फिर महकमे में इस बात की सूचना दी।
छुटटी के लिए भी लिखा हुआ था प्रार्थना पत्र
सिडकुल पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। सिडकुल पुलिस ने जब दरवाजे को जोर से धक्का दिया तब दरवाजा खुल गया। अंदर पहुंचने पर पुलिस के होश उड़ गए। कांस्टेबल जगदीश बिष्ट का शव कमरे से सटी गेलरी में बिस्तर बंद की बेल्ट के फंदे से हुक पर झूलता हुआ मिला। सूचना मिलने पर एएसपी रचिता जुयाल, कोतवाली प्रभारी रानीपुर ऐश्वर्य पाल मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने वीडियोग्राफी करते हुए फंदे से शव को नीचे उतारकर मोरचरी भेजा। कोतवाली प्रभारी ऐश्वर्य पाल ने बताया कि सिपाही मूल रूप से डीडीहाट पिथौरागढ़ का रहने वाला था उसके परिजन आजकल देहरादून में रहते हैं। मृतक अविवाहित था और आत्महत्या की वजह सामने नहीं आई है।
उसे कोई बीमारी थी और उसकी दवाई चल रही थी। इस बात की पूरी जानकारी परिजन के आने पर ही मिल सकेगी। सहकर्मी ने भी इस तरह की कोई बात नहीं बताई है जिससे पता चल सके कि कांस्टेबल ने आत्महत्या क्यों की है। पूरे मामले की जांच कर रहे है। बताया कि कांस्टेबल ने छुटटी के लिए भी प्रार्थना पत्र लिखा हुआ था।