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फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दून में घुसा अफगान का जासूस!
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 21 Apr 2017 12:45 AM IST
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स्थानीय अभिसूचना इकाई ने अफगानी मूल के भारतीय नागरिक के खिलाफ फर्जी दस्तावेज के आधार पर दूसरा पासपोर्ट बनाने की कोशिशों को नाकाम कर दिया। दिल्ली से पहला पासपोर्ट होते हुए आरोपी ने जन्म तिथि और माता-पिता के नाम में बदलाव कर यह आवेदन किया था। एलआईयू की तरफ से अफगानी नागरिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। खुफिया एजेंसी विदेशी नागरिक से उसकी हरकत को जासूसी से जोड़कर पूछताछ करने में जुटी है। जासूसी के दृष्टिकोण से प्रकरण को जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पूछताछ में सही बात सामने आ पाएगी।
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शहर के शक्ति विहार माजरा निवासी कवल नैन ने पासपोर्ट पाने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आवदेन किया था। एलआईयू की जांच में पाया गया कि कवल नैन अफगानी मूल का है। उसके द्वारा 1999 में दिल्ली से पासपोर्ट बनवाया था। इसी बीच उसे भारतीय नागरिकता मिल गई। बावजूद इसके पहले पासपोर्ट के तथ्य छिपाने के साथ नए आवेदन में जन्म तिथि, जन्म स्थान, माता-पिता का नाम और पता अलग दर्शाकर यह आवेदन किया था।
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यह भी पता चला है कि दिल्ली से निर्गत पासपोर्ट पर वह रूस की यात्रा कर चुका है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने यह मामला संज्ञान में आने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए है। एलआईयू के उप निरीक्षक बहादुर सिंह की तरफ से अफगानी मूल के इस भारतीय नागरिक के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। कप्तान ने बताया कि अफगानी युवक से पूछताछ की जा रही है कि इसके पीछे क्या मकसद था। जासूसी के दृष्टिकोण से प्रकरण को जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पूछताछ में सही बात सामने आ पाएगी।
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एक साल मिली भारतीय नागरिकता
कंवल नैन 1980 में अफगानिस्तान से दिल्ली आया था। 80 से लेकर 2012 तक वह देहरादून में परिवार के साथ रहा। वर्ष 2012 से लेकर 2016 तक वह फरीदाबाद में आशियाना बनाकर रहा। भारत सरकार द्वारा अक्तूबर 2016 में उसे भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी। इसके बाद 2017 में उसके द्वारा तथ्य छिपाकर दूसरा पासपोर्ट बनवाने के लिए आवदेन किया गया।