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प्रशिक्षु शिक्षकों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jul 2013 10:57 AM IST
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मौलिक नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच कर रहे प्रशिक्षु शिक्षकों पर शुक्रवार को पुलिस टूट पड़ी। एक-एक प्रदर्शनकारी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान महिलाओं को भी नहीं बख्शा। पुलिस के लाठीचार्ज में 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
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उन्हें दून और कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशिक्षु शिक्षकों की ओर से पथराव में पुलिस की एक बस क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने सैकड़ों प्रशिक्षु शिक्षकों को हिरासत में ले लिया।
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19 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया
इनमें 42 महिला प्रशिक्षुओं को सुद्धोवाला जेल भेजा गया। लेकिन देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। प्रशिक्षु शिक्षकों ने नियुक्ति की मांग पर सरकार को 19 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया था।
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सरकार के स्तर पर कोई निर्णय न होता देख नाराज विभिन्न जनपदों के प्रशिक्षु शिक्षक शुक्रवार को दून में सड़क पर उतर आए। परेड ग्राउंड में एकत्र हुए प्रशिक्षु शिक्षकों ने राजपुर रोड होते हुए सीएम आवास कूच किया।
पुलिस ने हाथीबड़कला पुलिस चौकी के पास बेरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इससे नाराज होकर प्रशिक्षु यहीं धरने पर बैठ गए।
मांग की गई कि आधे घंटे में सरकार जीओ जारी करे। लेकिन सरकार के स्तर पर कोई प्रतिनिधि बातचीत को नहीं पहुंचा तो प्रशिक्षुओं ने बेरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया।
इस पर पुलिस ने लाठियां फटकार प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की। इस बीच प्रशिक्षुओं की ओर से कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे उत्तराखंड विशेष पुलिस की बस क्षतिग्रस्त हो गई।
बस के एक ओर से दो और दूसरी ओर से एक शीशा टूट गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कुछ महिला प्रशिक्षु सड़क पर तो कुछ नाली में जा गिरीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें भी नहीं बख्शा।
कई प्रशिक्षुओं के हाथ, सिर और पेट पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल 27 प्रशिक्षु शिक्षकों को दून और 23 को कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
लाठीचार्ज के बाद लगाया जाम
लाठीचार्ज के बाद सैकड़ों प्रशिक्षु शिक्षक मौलिक नियुक्ति के शासनादेश, गिरफ्तार प्रशिक्षुओं को छोड़ने और लाठीचार्ज करने वाले पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग पर हाथीबड़कला मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
इससे यहां करीब ढाई घंटे जाम लगा रहा। एडीएम पीएस शाह और एसपी डा. जगदीश चंद ने प्रशिक्षुओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। प्रशासन के सीएम से वार्ता कराने और गिरफ्तार प्रशिक्षुओं को छोड़ने के आश्वासन पर शाम छह बजे जाम खोला गया।
सीएम बोले, 24 को आएगा जीओ
प्रशिक्षु शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने देर शाम मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रशिक्षु शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक केएन सती ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौलिक नियुक्ति का भरोसा दिलाया है।
बताया कि सीएम ने कहा कि इस मामले में सेवा नियमावली में शासन स्तर पर जरूरी संशोधन किए जा चुके हैं। अब 24 जुलाई को कैबिनेट मीटिंग के बाद नियुक्ति का जीओ जारी कर दिया जाएगा।
वार्ता में विधायक सुबोध उनियाल, प्रशिक्षु शिक्षक सुशील जोशी, रमेश मेहरा, हीरा सिंह रौतेला, नीलम तोमर शामिल थी। हालांकि, सती ने कहा कि जीओ जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।