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‘तू बाहर जमे रहना, मैं बुढ़िया को लूट लूंगा’
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 Sep 2014 01:54 PM IST
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देहरादून में पहली बार किसी थाने की पुलिस ने लूट की पूरी साजिश सुनने के बाद बदमाशों को दबोचा है। बदमाश साजिश बनाते रहे और पुलिसकर्मी सब सुनते रहे।
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एक खंडहर में बैठे थे कुछ बदमाश
बातचीत पूरी होते ही पुलिस बदमाशों के सामने आई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस ने लिखा पढ़ी में पूरे वाकये का जिक्र किया है। रायपुर पुलिस ने बुधवार रात अश्वनी थापा निवासी दीपनगर और आरिफ निवासी बंगाली कोठी को मय तमंचा और कारतूस दबोचा था।
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दोनों के पकड़े जाने की कहानी दिलचस्प है। दरअसल, बुधवार देर शाम रायपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रिंग रोड पर मधुबन विहार के पास जंगल में एक खंडहर में कुछ बदमाश बैठे हैं। दो पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो दो बदमाश नजर आए।
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रच रहे थे दो घरों में लूट की साजिश
पुलिस ने पहले दोनों की बात सुनने की योजना बनाई। दबे पांव टीम खंडहर के पास पहुंची तो दोनों राजपुर रोड पर दो घरों में लूट की साजिश रच रहे थे। दोनों बातें करते रहे। एक ने दूसरे को बताया कि इन घरों में सिर्फ दो बुजुर्ग महिलाएं ही रहती हैं।
उन्हें लूटने में कोई दिक्कत नहीं होगी। दोनों ने तय किया कि कौन बाहर रहेगा और कौन भीतर जाएगा। इसके बाद वे लूट के लिए जाने को उठने ही लगे कि पुलिस ने दोनों को धर लिया।
एसएसपी अजय रौतेला का कहना है कि जिन दो बुजुर्ग महिलाओं को लूटने की तैयारी थी, उनमें से एक के यहां अश्वनी की बहन काम कर चुकी थी। उसी दौरान उसने घर की पूरी रेकी की थी। अश्वनी वर्ष 2005 में नेहरू कालोनी थाने के बहुचर्चित क्षेत्री मर्डर केस में भी आरोपी रहा है।