अब दुनिया देख सकेगी महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का टाइपराइटर, इसी से लिखीं हैं कई रचनाएं
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महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला ने जिस टाइपराइटर से अपनी रचनाएं लिखीं उसे अब आमजन देख सकेंगे। भाकपा (माले) केंद्रीय कमेटी के सदस्य और ‘विप्लवी किसान संदेश’ पत्रिका के संपादक कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ का टाइपराइटर रविवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर नैनीताल स्थित संग्रहालय को सौंप दिया।
लोकप्रिय क्रांतिकारी कवि गोरख पांडेय ने 1988 में इसे एक धरोहर के रूप में उन्हें सौंपा था। गोरख तब दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विवि (जेएनयू) में शोध कर रहे थे। कामरेड पुरुषोत्तम और गोरख एक ही संगठन भाकपा (माले) में दिल्ली में काम करते थे।
वर्ष 1985 में दिल्ली में जन संस्कृति मंच की स्थापना की तैयारी के दौरान तो वे भी कई महीने उसी काम में गोरख के साथ लगे रहे। कामरेड शर्मा ने संगठन के लिए टाइप मशीन की जरूरत बताई तो भाकपा (माले) के तत्कालीन दिल्ली स्तरीय सचिव कामरेड प्रकाश ने बताया कि गोरख के पास निराला की छोटी पुरानी टाइप मशीन है, जिसे वे इस्तेमाल नहीं करते हैं।
कामरेड पुरुषोत्तम ने इस टाइप मशीन से उस दौर में दिल्ली संगठन के कई दस्तावेज टाइप किए थे। 90 के बाद तो फिर संगठन के पास नई टाइप मशीन और एक कंप्यूटर भी आ गया था। जमाना भी इलेक्ट्रॉनिक टाइप मशीनों का आ गया था। इसलिए उन्होंने इसे सुरक्षित रख दिया था।
कामरेड पुरुषोत्तम ने कहा कि इस अमूल्य धरोहर को उन्होंने 30 वर्षों से संभाल कर रखा था। उन्होंने भी इसी में टाइप करना सीखा। इसे उचित जगह पहुंचाने के लिए कई मित्रों की राय ली।
अधिकतर मित्रों ने इसे डीएसबी परिसर के संग्रहालय में रखने का सुझाव दिया। इसलिए रविवार को डीएसबी परिसर स्थित संग्रहालय के संचालक बीसी शर्मा और शिक्षक नेता नवेंदु मठपाल इसे लेने बिंदुखत्ता पहुंचे। कहा कि यह हमारी अमूल्य धरोहर है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी।