पीएम मोदी ने फोन से किया रैली को संबोधित, बोले कर्जमाफी के नाम पर किसानों को किया जा रहा था गुमराह
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बिगड़े मौसम ने पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में खलल पैदा कर दिया। बारिश के चलते पीएम मोदी कॉर्बेट नेशनल पार्क से रुद्रपुर रैली स्थल तक नहीं पहुंच सके। इसके चलते उन्होंने जनसभा को मोबाइल से ही संबोधित किया।
साथ ही उन्होंने रैली स्थल पर पहुंचे लोगों से वहां नहीं पहुंचने के लिए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि देवभूमि को हम टूरिज्म के माध्यम से आगे बढ़ाएंगे। वहीं पीएम मोदी को काला झंडा दिखाने पहुंचे कांग्रेसियों को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
उन्होंने कहा कि कर्जमाफी के नाम पर अभी तक किसानों को गुमराह ही किया जाता रहा है। पीएम ने उत्तराखंड के लिए पर्यटन की योजनाएं बनाने का भरोसा दिलाया और कहा कि पहाड़ की जवानी और पहाड़ के पानी को पहाड़ के काम में लाने का वादा किसान सम्मान निधि और सहकारिता किसान कल्याण योजना के जरिए पूरा कर रहे हैं।
महारैली में शामिल न हो पाने के लिए क्षमा मांगने के बाद पीएम ने कहा कि कर्ज माफी के नाम पर केवल 20 प्रतिशत किसानों को ही लाभ दिया जाता रहा है। सौ में से केवल 20 किसान ही इसका फायदा ले पाते हैं।
किसानों की परेशानी को किसान सम्मान निधि योजना के जरिये दूर किया जाएगा। सरकार ने हिसाब लगाया है कि दस साल में किसानों को 7.50 लाख करोड़ रुपये इस योजना के जरिये मिल जाएंगे। यह पैसा सीधे किसानों के पास जाएगा। अन्य योजनाओं से भी किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
पीएम ने कहा कि 2014 में सामने आया था कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम नहीं आती। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना से यह तय होगा कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम आए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्यटन, साहसिक खेलों, वाइल्ड लाइफ, पर्यटन के विकास की योजना बनाई जा रही हैं।
पीएम मोदी को यहां ठीक 2.55 पर पहुंचना था। इस समय तक महारैली में भाजपा के अनुमान के हिसाब से लोग पहुंच भी गए थे। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच प्रधानमंत्री को देखने के लिए महारैली में उमड़ा जनसमूह उम्मीद के पूरी तरह से टूट न जाने तक डटा रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने जैसे ही मंच से लोगों को पीएम के न आने की जानकारी दी, लोग लौटने लगे।
ठीक इसी समय मोदी की आवाज स्पीकर से गूंजी तो लोगों के कदम ठिठक गए। महारैली में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, थावर चंद गहलोत, नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी, टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी शाह, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा, मंत्री यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, भाजपा के मेयर, संसदीय सीट नैनीताल की विधानसभाओं के विधायक आदि शामिल थे।
पीएम नहीं पहुंचे, सीएम ने बांटे ब्याजमुक्त ऋण के चेक
समेकित सहकारी विकास परियोजना एवं दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण ब्याज मुक्त ऋण योजना के शुभारंभ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नहीं पहुंच पाने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने योजना के तहत चयनित तीन किसानों एवं दो महिला समूहों को चेक दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्याजमुक्त ऋण से किसानों व महिला समूहों को आर्थिक बल मिलेगा।
बृहस्पतिवार शाम करीब 5:30 बजे मुख्यमंत्री रावत ने दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना के तहत मैनाझुंडी गांव सितारगंज के किसान गुरुबख्श सिंह को गेहूं, धान व गन्ने की फसल के उत्पादन के लिए एक लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण का चेक दिया। देवलगढ़ (पौड़ी) निवासी किसान हरि सिंह को पशुपालन के लिए, जबकि मुनस्यारी (पिथौरागढ़) निवासी जसवंत सिंह को आलू उत्पादन के लिए एक लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण के लिए चेक दिया।
शबनम महिला सहायता समूह को अगरबत्ती एवं मोमबत्ती उत्पादन के लिए इसके सदस्यों मुन्नी नयाल, नीशा, महरून जहां, भूरी व हसीना को पांच लाख रुपये का चेक दिया गया। नई दिशा स्वयं सहायता समूह के सदस्यों नीलम, प्रेमा देवी, प्रगति टम्टा और चंपा को जूट बैग एवं मशरूम उत्पादन के लिए पांच लाख रुपये के ऋण का चेक दिया गया। इस दौरान सहकारिता मंत्री धन सिंह रावत, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य, महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, सांसद भगत कोश्यारी विधायक राजकुमार ठुकराल आदि मौजूद रहे।