सिर्फ प्लेटलेट्स घटने का मतलब डेंगू नहीं, घबराएं नहीं, इस तरह से बरतें सावधानी
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प्लेटलेट्स घटने का मतलब यह नहीं कि मरीज को डेंगू ही हो। चिकित्सकों के अनुसार साधारण वायरल बुखार में भी मरीज के शरीर में प्लेटलेट्स की कमी होती है। ऐसे में मरीजों को आवश्यक सावधानी बरतनी जरूरी है।
दून समेत शहर के सभी अस्पतालों में आजकल वायरल के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। अस्पताल पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा वायरल के रोगी हैं। लोग वायरल को डेंगू समझ कर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ज्यादातर मरीज खुद ही इसे डेंगू के लक्षण मानते हुए डॉक्टर पर टेस्ट के लिए तक दबाव बना रहे हैं।
इससे डॉक्टरों के साथ ही पैथोलॉजी में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर लोगों को हिम्मत बनाए रखने और घबराहट से बचने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही यह भी समझा रहे हैं कि डेंगू भी वायरल है, जिसके ज्यादातर लक्षण अन्य वायरल से मिलते हैं।
जल्द खराब होती है प्लेटलेट्स
दून अस्पताल के पीएमएस डा. केके टम्टा के अनुसार वायरल में डॉक्टर की सलाह से उपचार करवाना चाहिए। हालांकि बहुत अधिक घबराहट और खौफ से भी नुकसान होता है।
जल्द खराब होती है प्लेटलेट्स
प्लेटलेट्स की उम्र केवल 48 घंटे होती है। ताजा खून से केवल 48 घंटे के भीतर ही प्लेटलेट्स अलग किये जा सकते हैं। इसके बाद खून से प्लेटलेट्स को अलग नहीं किया जा सकता है। प्लेटलेट्स को इससे ज्यादा समय तक सुरक्षित भी नहीं रखा जा सकता है।
सामान्य वायरल में भी प्लेटलेट्स में गिरावट होती है। इसका मतलब यह नहीं कि मरीज को डेंगू हो गया है। हालांकि सावधानी बरतनी फायदेमंद होती है। खान-पान का भी प्लेटलेट्स पर असर पड़ता है। इसमें थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव सामान्य है।
-डा. केसी पंत, वरिष्ठ फिजिशियन, दून अस्पताल