नए साल पर गंगा स्नान को गए 25 श्रद्धालु टापू पर फंसे, पुलिस ने रेस्क्यू कर बचाई जान
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नए साल पर त्रिवेणीघाट पर गंगा स्नान, दर्शन व पूजन के लिए पहुंचे विभिन्न राज्यों के करीब 25 श्रद्धालु जलस्तर बढ़ने से टापू में फंस गए। लगातार बढ़ते पानी को देख उन्होंने घाट पर मौजूद लोगों से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद मौके पर पहुंची जल पुलिस की टीम ने करीब एक घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर टापू से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
जल पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर डेढ़ बजे हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों के श्रद्धालु त्रिवेणीघाट पर गंगा की अस्थायी जलधारा को पार कर मुख्य धारा में स्नान, पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। इसी बीच नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
पानी बढ़ता देख टापू पर मौजूद सभी श्रद्धालुओं के होश उड़ गए। टापू पर चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद लोग जल पुलिस की चौकी की ओर दौड़े। जल पुलिस के जवान रस्सियां, ट्यूब और लाइफ जैकेट लेकर टापू पर पहुंचे। लगभग एक घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में जल पुलिस की टीम ने टापू पर फंसे सभी श्रद्धालुओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
जल पुलिस के एचसीपी मनोज आर्य ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि की कोई पूर्व सूचना उन्हें नहीं दी गई थी। लिहाजा घाट पर आने वाले लोगों को अलर्ट नहीं कर पाए। बताया कि घाट पर स्नान, पूजा-अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य जलधारा की ओर जाने से मना किया जाता है, बावजूद वह नहीं मानते हैं। बताया कि सभी श्रद्धालुओं को टापू से निकालकर उनके गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया है।
महिला व मासूम को बचाया
महिला व मासूम को बचाया
गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद टापू पर श्रद्धालुओं के साथ ही एक महिला व उसका चार साल का मासूम बेटा भी फंस गया। जलधारा को पार कर घाट पर पहुंचने की कोशिश में महिला बच्चे के साथ बह गई। इस दौरान रेस्क्यू कर रही टीम ने दोनों को बचा लिया व सुरक्षित नदी से बाहर निकाला।
यह थे रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल
जल पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन टीम में त्रिवेणीघाट जल पुलिस चौकी में तैनात एचसीपी मनोज आर्य, महावीर सिंह नेगी, मुकेश, अनिल चौधरी, दीपक रावत, हरीश गुसाईं, रमेश चौहान आदि शामिल थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
टिहरी बांध से तय मानक के हिसाब से ही पानी गंगा में छोड़ा जाता है। अतिरिक्त पानी छोड़ने की कोई सूचना अभी नहीं है। ऐसा होता है, तो इसकी पूर्व सूचना संबंधित महकमों और प्रशासन को कॉरपोरेशन की ओर से विधिवत तौर पर दी जाती है।
-- डा. एएन त्रिपाठी, उपमहाप्रबंधक, कॉरपोरेट संचार, टीएचडीसी।