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सरकार की नई पहल से तीर्थाटन व शीतकालीन यात्रा को मिलेगी रफ्तार : द्विवेदी
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= होटल, होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन व हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई पहल से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा। स्नो लेपर्ड साइटिंग, हेली स्कीइंग, हिमालयन कार रैली समेत अन्य गतिविधियों से शीतकाल में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
द्विवेदी ने कहा, शीतकालीन पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने से चारधाम क्षेत्र समेत सीमांत व पर्वतीय इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे होटल, होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन व हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। शीतकालीन पूजा स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शीतकालीन यात्रा व पर्यटन को नई गति मिलेगी। मंदिर समिति भी शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ, नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ, योगबदरी पांडुकेश्वर में धार्मिक तीर्थाटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहयोग कर रही है।
द्विवेदी ने कहा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तीर्थाटन सर्किट, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को एकीकृत रणनीति के तहत विकसित किया जाए। विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में दुर्लभ वन्यजीव स्नो लेपर्ड की साइटिंग को सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण-सेंसिटिव ढंग से विकसित करने की योजना बनाई जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नई पहल से उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा मिलेगा। स्नो लेपर्ड साइटिंग, हेली स्कीइंग, हिमालयन कार रैली समेत अन्य गतिविधियों से शीतकाल में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी।
द्विवेदी ने कहा, शीतकालीन पर्यटन व तीर्थाटन को बढ़ावा देने से चारधाम क्षेत्र समेत सीमांत व पर्वतीय इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे होटल, होमस्टे, स्थानीय गाइड, परिवहन व हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। शीतकालीन पूजा स्थलों में श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शीतकालीन यात्रा व पर्यटन को नई गति मिलेगी। मंदिर समिति भी शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ, नृसिंह मंदिर ज्योतिर्मठ, योगबदरी पांडुकेश्वर में धार्मिक तीर्थाटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सरकार के प्रयासों में पूर्ण सहयोग कर रही है।
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द्विवेदी ने कहा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतकालीन पर्यटन की अपार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तीर्थाटन सर्किट, इको-टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म और वाइल्डलाइफ टूरिज्म को एकीकृत रणनीति के तहत विकसित किया जाए। विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में दुर्लभ वन्यजीव स्नो लेपर्ड की साइटिंग को सुरक्षित, वैज्ञानिक और पर्यावरण-सेंसिटिव ढंग से विकसित करने की योजना बनाई जाए।
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