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Dehradun News: उप जिला अस्पताल में फिजिशियन की होगी तैनाती, आईपीडी क्षमता भी बढ़ेगा
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक (स्टेटिक्स) डॉ. कल सिंह बिष्ट ने उप जिला अस्पताल विकासनगर और पीएचसी कालसी का निरीक्षण किया। उन्होंने उप जिला अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती का आश्वासन दिया। कहा कि मरीजों की बड़ी संख्या के मद्देनजर अस्पताल की आईपीडी क्षमता को 100 बेड तक करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने एसीएमओ डॉ. दिनेश चौहान को पीएचसी कालसी के उच्चीकरण की प्रकिया जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक (स्टेटिक्स) पीएचसी कालसी पहुंचे। यहां अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप उनियाल ने डीजी को बताया कि अस्पताल का भवन सीएचसी के मानकों के अनुसार बना है, लेकिन वर्तमान में यहां पीएचसी ही संचालित की जा रही है। डीजी ने एसीएमओ को पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकृत करने की प्रकिया शुरू करने के निर्देश दिए। कहा कि वह स्वयं भी इसके लेकर शासन से पत्राचार करेंगे।
उप जिला चिकित्सालय विकासनगर के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान ने डीजी डॉ. कल सिंह बिष्ट को बताया कि वर्तमान में यहां आईपीडी में 42 बेड हैं। अस्पताल की दैनिक ओपीडी में 500 से 600 के बीच रहती है। बड़ी संख्या में मरीजों को भर्ती भी करना पड़ता है। ऐसे में बेड की संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बेड की संख्या को बढ़ाना बहुत जरूरी है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ने ओटी, पैथोलॉजी लैब, आईपीडी, डेंटल, ईएनटी आदि से संबंधित उपकरणों की जरूरत के विषय में भी डीजी को बताया। डीजी ने कहा कि जिन उपकरणों की खरीद स्थानीय स्तर पर की जा सकती है, उन्हें खरीद लें। अन्य उपकरणों की खरीद के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजें। एनएचएम के माध्यम से उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती न होने आ रही समस्या से भी डीजी को अवगत करवाया।
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इस दौरान वरिष्ठ सर्जन डॉ. नरेंद्र सिंह चौहान, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू राणा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद राणा, पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र शर्मा, वरिष्ठ मेडिकल अफसर डॉ. टीएस डुंगरियाल, प्रमोद नेगी, डॉ. वसीम अहमद, डॉ. नमिता पंत आदि उपस्थित रहे।
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मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक (स्टेटिक्स) पीएचसी कालसी पहुंचे। यहां अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप उनियाल ने डीजी को बताया कि अस्पताल का भवन सीएचसी के मानकों के अनुसार बना है, लेकिन वर्तमान में यहां पीएचसी ही संचालित की जा रही है। डीजी ने एसीएमओ को पीएचसी को सीएचसी में उच्चीकृत करने की प्रकिया शुरू करने के निर्देश दिए। कहा कि वह स्वयं भी इसके लेकर शासन से पत्राचार करेंगे।
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उप जिला चिकित्सालय विकासनगर के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केएस चौहान ने डीजी डॉ. कल सिंह बिष्ट को बताया कि वर्तमान में यहां आईपीडी में 42 बेड हैं। अस्पताल की दैनिक ओपीडी में 500 से 600 के बीच रहती है। बड़ी संख्या में मरीजों को भर्ती भी करना पड़ता है। ऐसे में बेड की संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि बेड की संख्या को बढ़ाना बहुत जरूरी है। वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ ने ओटी, पैथोलॉजी लैब, आईपीडी, डेंटल, ईएनटी आदि से संबंधित उपकरणों की जरूरत के विषय में भी डीजी को बताया। डीजी ने कहा कि जिन उपकरणों की खरीद स्थानीय स्तर पर की जा सकती है, उन्हें खरीद लें। अन्य उपकरणों की खरीद के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजें। एनएचएम के माध्यम से उपकरण उपलब्ध करवाए जाएंगे। अस्पताल में फिजिशियन की तैनाती न होने आ रही समस्या से भी डीजी को अवगत करवाया।
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इस दौरान वरिष्ठ सर्जन डॉ. नरेंद्र सिंह चौहान, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू राणा, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद राणा, पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र शर्मा, वरिष्ठ मेडिकल अफसर डॉ. टीएस डुंगरियाल, प्रमोद नेगी, डॉ. वसीम अहमद, डॉ. नमिता पंत आदि उपस्थित रहे।