जानिए क्यों, 100 से ज्यादा लोगों ने पीएम मोदी और सुप्रीम कोर्ट को भेजा खून से लिखा हुआ पत्र
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यहां 100 से ज्यादा लोगों सुप्रीम कोर्ट और पीएम नरेंद्र मोदी को खून से पत्र लिखकर भेजा। आगे जानिए इसकी बड़ी वजह...
प्रेमनगर आश्रम घाट पर चीन देश की तर्ज पर कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को लेकर एवं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीशों से एक लाख रक्त पत्र लिखने के अभियान के अंतर्गत 100 से अधिक लोगों ने खून से पत्र लिखे।
श्री ब्राह्मणसभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधीर कौशिक एवं विपिन सनातनी ने सबसे पहले रक्त देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कहा कि बढ़ती जनसंख्या पूरे देश के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है।
जनसंख्या नियंत्रण कानून अवश्य बनना चाहिये देश हित में यह कानून लागू हो। अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीशों को रक्त से पत्र लिखकर उनसे चीन जैसा कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग गंगा तट से प्रारंभ की गई।
एक पत्र पीएम मोदी एवं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी लिखा गया। प्रदूषण के सबसे विकराल कारण बढ़ती जनसंख्या पर रोक लगे जिससे देश तरक्की की ओर अग्रसर होगा। यह अभियान डासना के सिद्ध पीठ से प्रारंभ होकर पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर यति नृसिंहानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि जिस मजबूत इच्छा शक्ति का प्रयोग करके सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली पर पटाखों पर प्रतिबन्ध लगाया है उसी इच्छा शक्ति से सुप्रीम कोर्ट सबसे विकराल समस्या जनसंख्या विस्फोट पर भी रोक लगाए। यति नृसिंहानंद सरस्वती ने कहा कि यदि जल्दी से जल्दी चीन की तरह कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून नहीं बनाया गया तो अनेकों दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
हिंदू स्वाभिमान की राष्ट्रीय अध्यक्ष यति मां चेतनानंद सरस्वती महाराज ने भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रोहित शर्मा, परमेद्र आर्य, अनिल यादव, ब्रजमोहन सिंह, दीपक शर्मा, विजयपाल त्यागी, सतेंद्र त्यागी, बजरंगी विवेक, विवेवानंद शास्त्री, आचार्य उमेश शास्त्री, अनुराग राय, निशिकांत त्यागी, रोहित, पवन, अरविंद श्रीवास्तव उपस्थित रहे।