उत्तराखंड: समूह-ग की आठ भर्तियों के भविष्य पर इस हफ्ते फैसला, आयोग की विशेषज्ञ समिति ने पूरी की जांच
कैबिनेट बैठक में चार भर्तियां रद्द तो हुईं, लेकिन आयोग ने इन्हें रद्द नहीं किया था। बाद में शासन ने भी आयोग को ही अपने स्तर से फैसला लेने को कहा था। समिति को अपनी रिपोर्ट देने के लिए दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक का समय दिया गया था।
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पेपर लीक विवादों से घिरे उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आठ भर्तियों पर इस सप्ताह फैसला हो सकता है। आयोग की ओर से गठित विशेषज्ञ जांच समिति इस सप्ताह अपनी रिपोर्ट देने जा रही है। 18 अक्तूबर को आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया की अध्यक्षता में हुई बोर्ड बैठक में तय हुआ था कि आठ भर्तियों में पेपर लीक हुआ या नहीं।
कहां कमियां रहीं, जैसे सभी बिंदुओं पर जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा। अक्तूबर में ही आयोग ने पूर्व आईएएस एसएस रावत की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन कर दिया था। समिति को अपनी रिपोर्ट देने के लिए दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक का समय दिया गया था।
बता दें कि आयोग की आठ भर्तियां ऐसी हैं, जो अभी तक रद्द नहीं की गई हैं। कैबिनेट बैठक में चार भर्तियां रद्द तो हुईं, लेकिन आयोग ने इन्हें रद्द नहीं किया था। बाद में शासन ने भी आयोग को ही अपने स्तर से फैसला लेने को कहा था। जांच समिति में हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार जनरल वीके माहेश्वरी और आईटीडीए के टास्क फोर्स के मैनेजर संजय माथुर भी सदस्य हैं।
इन भर्तियों के भविष्य पर फैसला
एलटी भर्ती (1431 पद), उत्तराखंड वैयक्तिक सहायक (600 पद), कनिष्ठ सहायक (700 पद), पुलिस रैंकर्स भर्ती (250 पद), वाहन चालक भर्ती (164 पद), कर्मशाला अनुदेशक (157 पद), मत्स्य निरीक्षक भर्ती (26 पद) और मुख्य आरक्षी पुलिस दूरसंचार भर्ती (272 पद)
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समिति की रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी। सप्ताहभर में हम इन सभी भर्तियों पर निर्णय लेंगे। किसी का भी अहित नहीं होने दिया जाएगा। -जीएस मर्तोलिया, अध्यक्ष, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग