त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2019 : नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू, पहले दिन नहीं आए उम्मीदवार
- 20 सितंबर को नामांकन, पहले चरण के मतदान पांच अक्तूबर को
- नामांकन पत्र के साथ मिलेगा उम्मीदवारों को शपथपत्र
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत सोमवार से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हो गई है। हालांकि, पहले दिन किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन पत्र नहीं खरीदा। कार्यक्रम के तहत 20 सितंबर को नामांकन दाखिल किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी (उप जिला निर्वाचन अधिकारी) जीएस रावत ने बताया कि जिला पंचायत सदस्यों के लिए जिला पंचायत कार्यालय में नामांकन किया जाना है। 20 सितंबर तक नामांकन पत्रों की बिक्री होनी है और इसी दिन से नामांकन दाखिल भी किए जाएंगे।
उसके बाद दो दिन तक नामांकन पत्रों की जांच और फिर नाम वापसी का दिन है। 26 सितंबर को चुनाव चिन्ह वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के मद्देनजर जिला पंचायत का सभागार 29 सितंबर तक आरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा पंचायत व क्षेत्र पंचायत के नामांकन पत्र संबंधित क्षेत्र पंचायत कार्यालय से हासिल किए जाएंगे। पंचायत चुनावों के लिए भी कंट्रोल रूम कलेक्ट्रेट स्थित आपदा नियंत्रण विभाग कार्यालय में स्थापित किए जाएंगे।
जिपं कार्यालय में होंगे परिणाम घोषित
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में मतदान के बाद मतगणना संबंधित क्षेत्र पंचायत कार्यालय में की जाएगी। डीएम ने बताया कि परिणामों की घोषणा जिला पंचायत कार्यालय में होगी। उन्होंने बताया कि चुनावों में सुरक्षा के मद्देनजर मंगलवार को बैठक की जानी है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए निर्देश
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों को नामांकनपत्र के साथ ही शपथ पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। ताकि इसके अभाव में किसी का नामांकन पत्र खारिज न होने पाए। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए निर्देश जारी कर दिए। शपथपत्र में उम्मीदवारों से विभिन्न विषयों पर जानकारी ली जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव रोशन लाल की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में शपथपत्र के प्रारूप भी भेजे हैं। उन्होंने कहा है कि नामांकन पत्रों की जांच के समय उम्मीदवारों से जुड़ी जानकारी के लिए नामांकनपत्र के साथ कोई शपथपत्र निर्धारित न होने से उनके खारिज होने की आशंका रहती है। नामांकनपत्र के साथ शपथपत्र उपलब्ध कराने के लिए कहा है। शपथ पत्र ग्राम पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत प्रधान के लिए एक है, जबकि क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों के लिए दूसरा शपथपत्र है। हालांकि इनमें एक जैसी जानकारियां ही मांगी गई है।
शपथपत्र में ये देनी होगी जानकारी
-क्या वह पंचायत का वैतनिक सदस्य है, यदि हां, तो विवरण।
-क्या वह राज्य या केंद्र सरकार के अधीन किसी बोर्ड, संस्था में लाभ के पद पर तैनात है।
-क्या वह किसी सरकारी सेवा से दुराचार के आरोप में पद से हटाया तो नहीं गया है।
-क्या उस पर किसी पंचायत का कर, फीस आदि बकाया तो नहीं है।
-क्या वह किसी नगर निकाय का सदस्य है।
-क्या वह दिवालिया है।
-क्या उसे पंचायती राज अधिनियम 2016 की धारा 138 के अधीन हटाया गया है।
-क्या किसी महिला प्रतिनिधि के बदले बैठक की अध्यक्षता या कार्यो के निर्वहन के लिए दोष सिद्घ है।
आयोग में कंट्रोल रूम हुआ सक्रिय
पंचायत चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होते ही राज्य निर्वाचन आयोग में कंट्रोल रूप अस्तित्व में आ गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने विभिन्न जिम्मेदारियों का आवंटन कार्मिकों के बीच कर दिया गया है। कंट्रोल रूम जिला निर्वाचन कार्यालयों के लगातार संपर्क में बना हुआ है।