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Dehradun News: दिवाली पर उल्लू की जान पर संकट, वन विभाग अलर्ट पर
Fri, 06 Nov 2026 07:23 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 06 Nov 2026 07:23 PM IST
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- आरक्षित वन क्षेत्रों की सभी बीट में बरती जा रही चौकसी, अधिकारी भी कर रहे पेट्रोलिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
विकासनगर। मां लक्ष्मी का वाहन माने जाने वाले उल्लू की दीपावली पर तंत्र-मंत्र और कथित तांत्रिक क्रियाओं के लिए की जाने वाली पूजा को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र के सभी आरक्षित वनों में चौकसी बढ़ा दी है। उल्लुओं की तस्करी और अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए सभी बीट को अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अधिकारी जंगल से निकलने वाले रास्तों व आबादी से सटी सीमाओं पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
दीपावली को मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि का पर्व माना जाता है। अंधविश्वास के चलते पर्व पर उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी का खतरा भी बढ़ जाता है। बताया जाता है कुछ तांत्रिक भोले-भाले और लालची लोगों को धन प्राप्ति का झांसा देकर उल्लू के अंगों का तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल करने के दावे करते हैं। उल्लू की चोंच, पंजे और पंख समेत अन्य अंगों को कथित तांत्रिक क्रियाओं में इस्तेमाल करने की अफवाहों के कारण इसकी मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर शिकारी और तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। उल्लूओं की तस्करी व शिकार की आशंकाओं के चलते कालसी वन प्रभाग की तिमली और झाझरा रेंज के जंगलों से लेकर चकराता वन प्रभाग के रामपुर मंडी तक वनकर्मी रातभर गश्त कर रहे हैं।
तिमली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विनय नौटियाल, रामपुर मंडी के वन क्षेत्राधिकारी आनंद रावत और झाझरा रेंजर पंकज ध्यानी ने बताया दीपावली पर उल्लुओं की तस्करी की आशंका को देखते हुए सभी बीट अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी जंगल के रास्तों और आबादी से सटे क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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विकासनगर। मां लक्ष्मी का वाहन माने जाने वाले उल्लू की दीपावली पर तंत्र-मंत्र और कथित तांत्रिक क्रियाओं के लिए की जाने वाली पूजा को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र के सभी आरक्षित वनों में चौकसी बढ़ा दी है। उल्लुओं की तस्करी और अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए सभी बीट को अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा अधिकारी जंगल से निकलने वाले रास्तों व आबादी से सटी सीमाओं पर पेट्रोलिंग कर रहे हैं।
दीपावली को मां लक्ष्मी की आराधना और सुख-समृद्धि का पर्व माना जाता है। अंधविश्वास के चलते पर्व पर उल्लुओं के अवैध शिकार और तस्करी का खतरा भी बढ़ जाता है। बताया जाता है कुछ तांत्रिक भोले-भाले और लालची लोगों को धन प्राप्ति का झांसा देकर उल्लू के अंगों का तंत्र-मंत्र में इस्तेमाल करने के दावे करते हैं। उल्लू की चोंच, पंजे और पंख समेत अन्य अंगों को कथित तांत्रिक क्रियाओं में इस्तेमाल करने की अफवाहों के कारण इसकी मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर शिकारी और तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। उल्लूओं की तस्करी व शिकार की आशंकाओं के चलते कालसी वन प्रभाग की तिमली और झाझरा रेंज के जंगलों से लेकर चकराता वन प्रभाग के रामपुर मंडी तक वनकर्मी रातभर गश्त कर रहे हैं।
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तिमली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी विनय नौटियाल, रामपुर मंडी के वन क्षेत्राधिकारी आनंद रावत और झाझरा रेंजर पंकज ध्यानी ने बताया दीपावली पर उल्लुओं की तस्करी की आशंका को देखते हुए सभी बीट अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अधिकारी और कर्मचारी जंगल के रास्तों और आबादी से सटे क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा इस प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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