चारधाम यात्रा में अब बाहरी वाहनों की नो एंट्री!
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उत्तराखंड के टैक्सी मैक्सी संचालकों को परिवहन मुख्यालय की यह पहल चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी राहत दे सकता है। चारधाम यात्रा में दूसरे राज्यों से आने वाले व्यवसायिक यात्री वाहनों को ऋषिकेश से आगे प्रतिबंधित किया जा सकता है।
साथ ही प्रदेश के टैक्सी मैक्सी संचालकों को ही ग्रीन कार्ड दिया जाएगा। जबकि अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को किसी अन्य रंग का कार्ड मिलेगा।
सरकार के आदेश पर परिवहन मुख्यालय ने टैक्सी मैक्सी संचालकों को राहत देने के लिए कमेटी गठित की थी। इसमें आरटीओ (तकनीकी) सुधांशु गर्ग, आरटीओ देहरादून संभाग दिनेश चंद्र पठोई, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी और एआरआई आलोक कुमार शामिल हैं। बृहस्पतिवार को कमेटी ने अपनी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त एस रामास्वामी को सौंप दी।
टैक्सी संचालकों को राहत देने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार कमेटी के सुझावों पर परिवहन मुख्यालय भी सहमत है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कमेटी ने कहा कि आपदा के बाद गढ़वाल रेंज के ज्यादातर टैक्सी मैक्सी संचालकों की आर्थिक स्थिति खराब है। लिहाजा, चारधाम यात्रा पर बाहरी वाहनों को केवल ऋषिकेश तक जाने की अनुमति दी जाए।
ऐसा नहीं हो सकता तो बाहरी वाहनों को सिर्फ एक बार यात्रा पर जाने की अनुमति दी जाए। इसके लिए अलग परमिट जारी किए जाएं, जिसमें यात्रा का समय तय हो। नियम का पालन न करने पर वाहन सीज करने की सिफारिश भी की गई है।
ऐसा हुआ तो यह राज्य के टैक्सी मैक्सी संचालकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा। यात्रियों को मजबूरन ऋषिकेश के आगे यात्रा के लिए उत्तराखंड का वाहन किराये पर लेना होगा।
दो साल का टैक्स हो सकता है माफ
परिवहन मुख्यालय की कमेटी ने आपदा ग्रस्त पांच जिलों के टैक्सी मैक्सी संचालकों का अगले दो साल और अन्य जिलों में एक साल तक टैक्स माफ करने की भी सिफारिश की है। अहम बात यह है कि इसके लिए अब ग्रीन कार्ड अनिवार्य नहीं होगा।
वर्ष 2013 में आपदा के बाद चारधाम यात्रा ठप होने से टैक्सी-मैक्सी संचालकों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने ग्रीन कार्ड धारक वाहन संचालकों का दो साल का टैक्स माफ करने का निर्णय लिया था। लेकिन, वाहन यूनियनों ने इसका भारी विरोध किया था। वाहन संचालकों की मांग थी की आपदा ग्रस्त जिलों के सभी वाहनों संचालकों का टैक्स माफ होना चाहिए।
अब परिवहन मुख्यालय की कमेटी ने टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के सभी टैक्सी मैक्सी संचालकों के लिए 2015 और 2016 का टैक्स माफ करने की सिफारिश की है। अन्य जिलों में एक साल की टैक्स छूट मिल सकती है।
पढ़िए, क्या कहते हैं टैक्सी संचालक
कमेटी ने सुझाव की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को परिवहन आयुक्त को सौंप दी है। अब परिवहन मुख्यालय को ही इसमें निर्णय लेना है।
-सुधांशु गर्ग, आरटीओ पौड़ी
हम पहले से ही ये मांग कर रहे थे। अगर सरकार इन सुझावों को मंजूरी देती है तो आर्थिक संकट झेल रहे वाहनों संचालकों के लिए बड़ी राहत होगी।
-टिकम सिंह चौहान, प्रधान, टिहरी गढ़वाल टैक्सी चालक एसोसिएशन
हमने तीन मार्च की राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक में भी यह सुझाव दिए थे। अगर शासन ये सुझाव मान लिए तो ये बहुत बड़ी राहत होगी। हम इसका स्वागत करेंगे।
-सत्यदेव उनियाल, महामंत्री, दून गढ़वाल जीप कमांडर मालिक कल्याण संचालन समिति रिस्पना पुल