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बीमा कंपनी को ब्याज सहित क्लेम देने के आदेश
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स्थार्यी लोक अदालत देहरादून ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन का बीमा क्लेम मालिक को ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने क्लेम खारिज करने की तिथि से मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में भी पांच हजार रुपये अदा करने को कहा है।
मैसर्स त्यागी मोटर्स की ओर से एक वाद दायर किया गया था। अभियोजन के अनुसार लोडर वाहन 30 मई 2019 को जुड्डो में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में चालक की भी मौत हो गई थी। इसका बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया हुआ था। सर्वेयर ने वाहन का सर्वे किया तो उसने सात लाख रुपये से अधिक का खर्च बताया। साथ ही क्लेम खारिज कर दिया था। सर्वेयर ने तर्क दिया था कि वाहन को जो ड्राइवर चला रहा था उसके ड्राइविंग लाइसेंस में पहाड़ों पर गाड़ी चलाना दर्ज नहीं था। इस मामले में अदालत ने कहा है कि चालक को देहरादून एआरटीओ ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया था। ऐसे में स्पष्ट है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में ही गाड़ी चलाने को लाइसेंस जारी किया होगा। देहरादून क्षेत्र में पहाड़ी मार्ग भी आते हैं। इस तरह कंपनी का यह तर्क निराधार है। अदालत ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि गाड़ी को ठीक करने में साढ़े पांच लाख रुपये का खर्च आया है। इसमें से डेप्रिशिएशन काटकर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये मैसर्स त्यागी मोटर्स को अदा किए जाएं। साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक हानि के रूप में भी रकम अदा की जाए।
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मैसर्स त्यागी मोटर्स की ओर से एक वाद दायर किया गया था। अभियोजन के अनुसार लोडर वाहन 30 मई 2019 को जुड्डो में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में चालक की भी मौत हो गई थी। इसका बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया हुआ था। सर्वेयर ने वाहन का सर्वे किया तो उसने सात लाख रुपये से अधिक का खर्च बताया। साथ ही क्लेम खारिज कर दिया था। सर्वेयर ने तर्क दिया था कि वाहन को जो ड्राइवर चला रहा था उसके ड्राइविंग लाइसेंस में पहाड़ों पर गाड़ी चलाना दर्ज नहीं था। इस मामले में अदालत ने कहा है कि चालक को देहरादून एआरटीओ ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया था। ऐसे में स्पष्ट है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में ही गाड़ी चलाने को लाइसेंस जारी किया होगा। देहरादून क्षेत्र में पहाड़ी मार्ग भी आते हैं। इस तरह कंपनी का यह तर्क निराधार है। अदालत ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि गाड़ी को ठीक करने में साढ़े पांच लाख रुपये का खर्च आया है। इसमें से डेप्रिशिएशन काटकर लगभग साढ़े तीन लाख रुपये मैसर्स त्यागी मोटर्स को अदा किए जाएं। साथ ही उन्हें मानसिक और आर्थिक हानि के रूप में भी रकम अदा की जाए।
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