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पेड़ कटान प्रकरण: आरोपियों को पांच दिसंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश, जानिए क्या है पूरा मामला

Tue, 25 Oct 2022 09:10 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 25 Oct 2022 09:10 AM IST
सार

शासकीय अधिवक्ता सोमिका अधिकारी ने बताया कि नौ जुलाई 2013 को पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे से संबंधित जमीन अभिलेखों में जमीन नत्थूराम निवासी कांशीराम क्वार्ट्स दून के नाम थी, जिसे शरद सूद ने सतीश गुप्ता व वेद महावर के साथ मिलकर संपत्ति की फर्जी पावर अटार्नी बनाकर तीन अक्तूबर 2012 को नाम पर किया।

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Order for accused to appear in court on December 5, know what is the whole matter
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

जमीन को धोखाधड़ी से हड़पने के प्रयास में राजपुर थाने में दर्ज मुकदमे की सुनवाई करते हुए द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने आरोपितों को समन जारी कर पांच दिसंबर को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है। 
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शासकीय अधिवक्ता सोमिका अधिकारी ने बताया कि नौ जुलाई 2013 को पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे से संबंधित जमीन अभिलेखों में जमीन नत्थूराम निवासी कांशीराम क्वार्ट्स दून के नाम थी, जिसे शरद सूद ने सतीश गुप्ता व वेद महावर के साथ मिलकर संपत्ति की फर्जी पावर अटार्नी बनाकर तीन अक्तूबर 2012 को नाम पर किया। 
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सतीश गुप्ता, वेद महावर व शरद सूद ने फर्जी पावर आफ अटार्नी पर यह जानते हुए कि संपत्ति में लगभग 250 पेड़ हैं को छिपाते हुए रजिस्टर्ड अनुबंध सतीश गुप्ता के नाम किया, जिसमें पूरी भूमि में कोई पेड़ नहीं दिखाया गया। 
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स्पष्ट होता है कि भूमि को वन विभाग के कब्जे में नहीं, बल्कि अपने कब्जे में मान रहे थे और वनकर्मी जगमोहन रावत, प्रसाद सकलानी और ठेकेदार कुलदीप नेगी सहित फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले शरद सूद, सतीश गुप्ता व वेद महावर ने पेड़ों का कटान कराया। 


बताया कि प्रभागीय वनाधिकारी धीरज पांडे व वीरेंद्र जोशी ने बचाने का कार्य किया। शासकीय अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने प्रसाद सकलानी, जगमोहन रावत, सतीश गुप्ता, वेद महावर, धीरज पांडेय व वीरेंद्र दत्त जोशी को समन कर पांच दिसंबर को पेश होने के लिए कहा है। सुनवाई के दौरान पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू समेत बचाव पक्ष के अधिवक्ता मौजूद रहे।
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