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अब 250 वर्ग मीटर तक ही नक्शे बना सकेंगे ड्राफ्ट्समैन

Mon, 27 Jun 2016 10:22 AM IST
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 27 Jun 2016 10:22 AM IST
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only 250 meters map allowed to draftsman.
भवन - फोटो : Demo pic

उत्तराखंड में अब ड्राफ्ट्समैन केवल 250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक का ही नक्शा बना सकेंगे। उनके इससे अधिक क्षेत्रफल का नक्शा बनाने पर रोक लगा दी गई है। 250 वर्ग मीटर क्षेत्रफल से अधिक का नक्शा केवल डिग्री होल्डर सिविल इंजीनियर या बैचलर इन आर्किटेक्ट वाले ही बना सकेंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन कर यह प्रावधान किया है।

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संशोधन के अनुसार अब किसी भी जमीन पर निजी रास्ता (प्राइवेट पैसेज) भी लंबाई के हिसाब से अलग-अलग चौड़ाई का छोड़ना होगा। पहले यह न्यूनतम 10 फीट (तीन मीटर) छोड़ना होता था। फिर इसे संशोधित कर 20 फीट (छह मीटर) कर दिया गया। अब एक बार फिर इसमें संशोधन किया गया है।
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इसके अनुसार जीरो से 50 मीटर लंबाई के लिए न्यूनतम तीन मीटर, 51 से 100 मीटर के लिए छह मीटर और उससे अधिक लंबाई की सड़क में नौ मीटर का रास्ता छोड़ना होगा। यह निजी रास्ता केवल एक व्यक्ति के लिए मान्य होगा। यदि एक से ज्यादा लोग इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी न्यूनतम चौड़ाई नौ मीटर होना अनिवार्य है, चाहे लंबाई कितनी भी हो।
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फायदा भी नुकसान भी
प्राइवेट पैसेज (निजी रास्ते) में हुए संशोधन से लोगों को फायदा भी होगा और नुकसान भी। 50 मीटर तक लंबाई वाले रास्ते में तीन मीटर का रास्ता छोड़ना होगा। इसके बाद छह और नौ मीटर का रास्ता छोड़ना होगा। ऐसे में उन लोगों को नुकसान होगा, जो बंटवारे या बिक्री के बाद बड़े प्लॉट को छोटे हिस्सों में बांटकर निर्माण करेंगे। प्लॉट का छोटा हिस्सा करने पर अब ज्यादा चौड़ी सड़क छोड़नी होगी।

बायलॉज में मनमाने तरीके से संशोधन का आरोप
उत्तरांचल इंजीनियर एंड ड्राफ्ट्समैन वेलफेयर एसोसिएशन ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग पर मनमाने तरीके से बायलॉज में संशोधन का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के प्रवक्ता सुनील घिल्डियाल ने कहा कि संशोधन से पहले किसी से इस संबंध में राय नहीं ली गई। इस संशोधन का नुकसान लोगों को झेलना होगा।


वहीं, इस संबंध में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के सीनियर टाउन प्लानर एसके पंत से बातचीत करने के लिए कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। जब भी उनका पक्ष आएगा, उसे वैसा ही प्रकाशित किया जाएगा।

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