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प्रमाण पत्रों के लिए अब नहीं काटने होंगे चक्कर
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Mar 2015 04:18 PM IST
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सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के ई-डिस्ट्रक्ट कार्यक्रम के तहत अब प्रदेश के सभी जनपदों में पांच तरह के प्रमाण पत्र आनलाइन मिल सकेंगे। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाए घर के नजदीक कामन सर्विस सेंटर (सीएमसी) पर आवेदन कर प्रमाण पत्र मिल जाएगा।
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इस योजना को को प्रदेश में देवभूमि जनसेवा केंद्र के माध्यम से संचालित किया जाएगा। 29 मार्च से योजना प्रदेश के सभी जनपदों में प्रभावी हो जाएगी।
इन विभागों में मिलेगा
राजस्व विभाग से मिलने वाले चरित्र, जाति, आय, मूलनिवास और हैसियत प्रमाण पत्र को जनसेवा केंद्रों के माध्यम से आवेदकों को मुहैया करवाए जाएंगे। मंत्रिमंडल की मुहर लगने के बाद योजना को सुचारू बनाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने समूची तैयारी कर ली है।
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सीएम करेंगे लांच
योजना की शुरूआत प्रत्येक ब्लॉक पर कम से कम एक जनसेवा केंद्र स्थापित करने से की जा रही है, जबकि कुल तीन हजार केंद्र खोले जाने हैं। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्र में प्रत्येक 6 गांवों में एक जनसेवा केंद्र चलाया जाना है जबकि नगर पालिका क्षेत्रों में प्रति वार्ड में एक केंद्र खुलना है। 29 मार्च को सीएम हरीश रावत योजना को लांच करेंगे।
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पौड़ी में हुआ ट्रायल
सूचना प्रौद्योगिकी सचिव दीपक गैरोला ने बताया कि अभी तक योजना पौड़ी जनपद में पायलट स्तर पर संचालित की जा रही थी, जिसे अब अन्य 12 जनपदों में शुरू किया जा रहा है। इससे जनता को प्रमाण पत्र हासिल करने में आसानी रहेगी।
26 सेवाएं मिलेंगी भविष्य में
देवभूमि जनसेवा केंद्रों के माध्यम से 26 नागरिक सेवाएं भविष्य में मिलनी हैं। राज्य स्तर से मिलने वाली नागरिक सेवाओं के अलावा रेल टिकट बुकिंग, फोन बिल, बिजली बिल भुगतान आदि की सुविधाओं भी इन्हीं केंद्रों से मिलनी है। योजना सात वर्ष पहले शुरू हुई थी, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते इसको शुरू करने में लंबा अरसा लग गया।